Skip to main content

About Us

Hitendra Gupta
ट्रेवल ब्लॉगर, मीडिया प्रोफेशनल, डिजिटल इन्फ्लुएंसर और प्रकृति प्रेमी शाकाहारी मैथिल
कुछ अपने बारे में

बचपन में हर साल Vacation और Family Function में मां के साथ नानी के यहां नेपाल जाया करता था। तब दो-चार दिन के लिए नहीं,  महीने- दो महीने के किए जाता था और नेपाल के पहाड़ी इलाकों और जंगलों में घूमा-फिरा करता था। हरे-भरे घने जंगलों के बीच कल-कल बहती नदियां अपनी ओर आकर्षित करती थी। उस समय की इन यात्राओं के रोमांच ने मेरे अंदर घूमने-फिरने की दिलचस्पी पैदा कर दी।

बचपन से ही प्रकृति के साथ ये जुड़ाव मुझे आज भी अपनी ओर खींचता हैं। आज भी बार-बार शांत, हरियाली से भरी जगहों और नदियों के किनारे घूमने का मन करता है। प्रकृति की सुंदरता को निहारना मुझे अच्छा लगता है। आज भी हिमालय और तराई की यात्रा पर जाने से मुझे एक नया जीवन मिल जाता है। तरोताजा महसूस करने लगता हूं। पहाड़ और मंदिरों वाले स्थलों में जाने से असीम शांति की अनुभूति होती है।
गांव से होने के कारण ग्रामीण परिवेश में प्रकृति से खुद को ज्यादा जुड़ा महसूस करता हूं। गांव और शहर दोनों से जुड़े होने के कारण मेरे अंदर अपने आसपास की चीजों को देखने का एक नया नजरिया बना है। ट्रेवल करते वक्त स्थानीय लोगों से मिलना-जुलना, उनके साथ समय बिताना और वहां के स्थानीय शाकाहार खानपान का लुत्फ उठाता हूं। वहां की संस्कृति, विरासत, लोगों, भोजन और रीति-रिवाजों को जानने की कोशिश करता हूं।

मैंने ज्यादातर Solo या Family के साथ यात्रा की है, लेकिन दोस्तों और अजनबियों के साथ यात्रा करके एक अलग ही रोमांच मिला है। कई बार Group Travel में भी शामिल हुआ हूं। देश-दुनिया घूमकर जब यात्रा के अनुभवों को यार-दोस्तों के साथ शेयर करता हूं और उन्हें वहां की यात्रा के लिए प्रेरित करता हूं, तो मन को असीम संतोष प्राप्त होता है।
यात्रा के अलावा नई-नई किताबें पढ़ना, संगीत सुनना, फिल्में देखना और Motivational Speech सुनना पसंद है। जब यात्रा पर नहीं होता हूं तो Travel Magazine & Websites पढ़ता रहता हूं। हर जगह के बारे में पढ़कर हर जगह जाना चाहता हूं और समय मिलते ही निकल लेता हूं एक नई यात्रा पर।

एक पर्यटक और पत्रकार के रूप में कई जगह की यात्रा कर चुका हूं। FAM Trip, Blogger Outreach Program में हिस्सा ले चुका हूं। कई प्रोडक्ट के Launch Events के लिए आमंत्रित किया गया हूं। कई Blogger Community से जुड़ा हूं और Blogger Meet में शामिल हो चुका हूं। दिल्ली और अहमदाबाद में आयोजित Google और WordPress के कार्यक्रम में हिस्सा ले चुका हूं।
Mithila से हूं और वर्तमान में मैं दिल्ली-एनसीआर में रहता हूं। FAM Trips और Blogger Meets के लिए आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं। अगर आप हमारे साथ किसी तरह का collaboration करना चाहते हैं तो हमें GuptaHitendra [at] gmail.com पर संपर्क करें।

Contact me at-
Email – GuptaHitendra [@] gmail.com
Web – www.JioZindagi.com
Facebook – HitendraGupta
Instagram – @GuptaHitendra
Twitter – @GuptaHitendra
Youtube – HelloMithila


Other Blogs
www.launchmantra.com ( Product Launch and Lifestyle)
And
www.hellomithila.com (Maithili Blog)

Comments

Popular posts from this blog

अहिल्या स्थान: जहां प्रभु राम के किया था देवी अहिल्या का उद्धार

मिथिला में एक प्रमुख तीर्थ स्थल है अहिल्या स्थान। हालांकि सरकारी उदासीनता के कारण यह वर्षों से उपेक्षित रहा है। यहां देवी अहिल्या को समर्पित एक मंदिर है। रामायण में गौतम ऋषि की पत्नी देवी अहिल्या का जिक्र है। देवी अहिल्या गौतम ऋषि के श्राप से पत्थर बन गई थीं। जिनका भगवान राम ने उद्धार किया था। देश में शायद यह एकमात्र मंदिर है जहां महिला पुजारी पूजा-अर्चना कराती हैं।

Rajnagar, Madhubani: खंडहर में तब्दील होता राजनगर का राज कैंपस

राजनगर का ऐतिहासिक राज कैंपस खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। बिहार के मधुबनी जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह राज कैंपस राज्य सरकार की अनदेखी के कारण उपेक्षित पड़ा हुआ है। यह कैंपस इंक्रीडेबल इंडिया का एक बेहतरीन उदाहरण है। यहां के महल और मंदिर स्थापत्य कला के अद्भूत मिसाल पेश करते हैं। दीवारों पर की गई नक्काशी, कलाकारी और कलाकृति देखकर आप दंग रह जाएंगे।

Contact Us

Work With Me FAM Trips, Blogger Meets, Product Launch Events, Product Review या किसी भी तरह के collaboration के लिए guptahitendra [at] gmail.com पर संपर्क करें। Contact me at:- Email – guptagitendra [@] gmail.com Twitter – @GuptaHitendra Instagram – @GuptaHitendra Facebook – GuptaHitendra

अक्षरधाम मंदिर, दिल्ली: जहां जाने पर आपको मिलेगा स्वर्गिक आनंद

दिल्ली में यमुना नदी के किनारे स्थित स्वामीनारायण मंदिर अपनी वास्तुकला और भव्यता के लिए दुनियाभर में मशहूर है। करीब 100 एकड़ में फैला यह अक्षरधाम मंदिर दुनिया के सबसे बड़े मंदिर परिसर के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल है। यहां हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। इस मंदिर को बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) की ओर से बनाया गया है। इसे आम भक्तों- श्रद्धालुओं के लिए 6 नवंबर, 2005 को खोला गया था।

World Peace Pagoda, Vaishali: विश्व को शांति का संदेश देता वैशाली का विश्व शांति स्तूप

वैशाली का विश्व शांति स्तूप आज भी विश्व को शांति का संदेश दे रहा है। लोकतंत्र की जननी वैशाली ऐतिहासिक धरोहरों का खजाना है। यहां जैन धर्म के प्रवर्तक भगवान महावीर की जन्मस्थली बासोकुंड यानी कुंडलपुर है। अशोक का लाट यानी अशोक स्तंभ, दुनिया का सबसे प्राचीन संसद भवन राजा विशाल का गढ़, बौद्ध स्तूप, अभिषेक पुष्करणी, बावन पोखर और सबसे प्रमुख जापान की ओर बनवाया गया विश्व शांति स्तूप है।

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग: जहां प्रतिदिन शयन करने आते हैं भोलेनाथ महादेव

हिंदू धर्म में ज्योतिर्लिंग का विशेष महत्व है और ओंकारेश्वर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में चौथा है। मध्यप्रदेश में 12 ज्योतिर्लिंगों में से 2 ज्योतिर्लिंग हैं। एक उज्जैन में महाकाल के रूप में और दूसरा ओंकारेश्वर में ओंकारेश्वर- ममलेश्वर महादेव के रूप में। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग इंदौर से 77 किलोमीटर पर है। मान्यता है कि सूर्योदय से पहले नर्मदा नदी में स्नान कर ऊं के आकार में बने इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन और परिक्रमा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहां भगवान शिव के दर्शन से सभी पाप और कष्ट दूर हो जाते हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है।

हिंद-इस्लामी वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण शेरशाह सूरी का मकबरा

शेरशाह सूरी का मकबरा बिहार रोहतास जिले के सासाराम में है। शेरशाह का यह मकबरा एक विशाल सरोवर के बीचोंबीच लाल बलुआ पत्थर से बनाया गया है। शेरशाह ने अपने जीवनकाल में ही इस मकबरे का निर्माण शुरू कर दिया था, लेकिन पूरा उसके मृत्यु के तीन महीने बाद ही हो पाया। शेरशाह की मौत 13 मई, 1545 को कालिंजर किले में हो गई थी और मकबरे का निर्माण 16 अगस्त, 1545 को पूरा हुआ। शेरशाह के शव को कालिंजर से लाकर यहीं दफनाया गया था। इस मकबरे में 24 कब्रें हैं और शेरशाह सूरी की कब्र ठीक बीच में है।

उज्जैन- पृथ्वी का नाभि स्थल है महाकाल की यह नगरी

उज्जैन यानी उज्जयिनी यानी आदि काल से देश की सांस्कृतिक राजधानी। महाकाल की यह नगरी भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली रही है। मध्य प्रदेश के बीचोंबीच स्थित धार्मिक और पौराणिक रूप से दुनिया भर में प्रसिद्ध उज्जैन को मंदिरों का शहर भी कहते हैं।

जल मंदिर पावापुरी: भगवान महावीर का निर्वाण स्थल, जहां उन्होंने दिया था पहला और अंतिम उपदेश

जल मंदिर पावापुरी जैन धर्म के अनुयायियों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। भगवान महावीर को इसी स्थल पर मोक्ष यानी निर्वाण की प्राप्ति हुई थी। जैन धर्म के लोगों के लिए यह एक पवित्र शहर है। बिहार के नालंदा जिले में राजगीर के पास पावापुरी में यह जल मंदिर है। यह वही जगह है जहां भगवान महावीर ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला और आखिरी उपदेश दिया था। भगवान महावीर ने इसी जगह से विश्व को अहिंसा के साथ जिओ और जीने दो का संदेश दिया था।