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भारत के 7 प्राकृतिक स्थल पहुंचे UNESCO की संभावित सूची में

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क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे देश के वे पहाड़, गुफाएं या समुद्री चट्टानें जिन्हें हम घूमते-देखते आ रहे हैं, वे भी एक दिन विश्व धरोहर (World Heritage) का हिस्सा बन सकते हैं? तो अब, खुश हो जाइए! भारत के 7 अद्भुत प्राकृतिक स्थलों को UNESCO की विश्व धरोहर स्थलों की संभावित सूची में शामिल कर लिया गया है। इससे भारत की धरोहर स्थलों की संभावित सूची की संख्या अब 62 से बढ़कर 69 हो गई है।

देखो अपना देश: अब डिजिटल सफर के साथ!

क्या आप भारत के कोने-कोने की खूबसूरती को बिना कहीं गए ही देखना चाहते हैं? या फिर अपनी अगली ट्रिप की प्लानिंग घर बैठे करना चाहते हैं? तो आपके लिए एक खुशखबरी है! पर्यटन मंत्रालय ने "अतुल्य भारत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म (IIDP)" का नया वर्जन लॉन्च किया है, जो देश के पर्यटन का एक वर्चुअल झरोखा बन गया है।

ग्रामीण पर्यटन की नई क्रांति: स्वदेश दर्शन 2.0 योजना से गांवों का कायाकल्प

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भारत में ग्रामीण पर्यटन एक नई दिशा ले रहा है, जिसमें मोदी सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना निर्णायक भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत देश के सुदूर और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध गांव न केवल पर्यटन के केंद्र बन रहे हैं, बल्कि ग्रामीण विकास, स्थानीय अर्थव्यवस्था एवं आजीविका के नए रास्ते भी खुल रहे हैं।

मोदी सरकार में भारतीय टूरिज्म सेक्टर की ऐतिहासिक उड़ान: वैश्विक रैंकिंग में 8वां स्थान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी टीम द्वारा पिछले 11 वर्षों में शुरू की गई नीतियों और पहलों ने भारत के टूरिज्म सेक्टर को जबरदस्त ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। भारत की साख अब सिर्फ स्वदेश में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी तेजी से बढ़ी है। विश्व यात्रा और पर्यटन परिषद (WTTC) की ताजा रिपोर्ट (2024-25) के मुताबिक, भारत आज विश्व का 8वां सबसे बड़ा पर्यटन बाजार बन चुका है, जिसने फ्रांस, जर्मनी जैसे परंपरागत टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स को भी पीछे छोड़ दिया है।

मॉनसून में भारत दर्शन: वो 10 जगहें जहाँ बारिश जादू कर देती है

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मानसून शुरू होने के साथ ही देश भर में बारिश होने लगी है। अगर आप उन लोगों में हैं जिन्हें बारिश की टिप-टिप बहुत अच्छी लगती है और हरियाली, बादलों, झरनों के बीच मौसम का मजा लेना पसंद है, तो ये ब्लॉग खास आपके लिए है! आइए जानते हैं बारिश में घूमने के लिए देश की 10 सबसे शानदार जगहो के बारे में...

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग यात्रा: आस्था, प्रकृति और रोमांच का संगम

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महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के बारह पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है। सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला की पहाड़ियों में स्थित इस ज्योतिर्लिंग के शिवलिंग का आकार बड़ा होने के कारण इसे 'मोटेश्वर महादेव' के नाम से भी जानते हैं। अगर आप शिवभक्त हैं या नेचर लवर तो भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग आपके लिए एकदम परफेक्ट जगह है। यहां आप सिर्फ भगवान शिव के पवित्र ज्योतिर्लिंग का ही दर्शन नहीं करेंगे, बल्कि यहां के घने जंगल, पहाड़, ठंडी हवा और

महाकुंभ 2025: आस्था, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम

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प्रयागराज महाकुंभ आस्था, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम बन गया है। इस बार का महाकुंभ 2025 अब तक के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक बन गया है। यहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर अभी तक 58 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं। मकर संक्रांति से लेकर महाशिवरात्रि

बाबा बर्फानी की अमरनाथ यात्रा शुरू, पवित्र गुफा के लिए तीर्थयात्रियों का जत्था रवाना

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जम्मू-कश्मीर में हिमालय पर्वत के पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरू हो गई है। श्री अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्था बालटाल और नुनवान शिविर से बम-बम भोले, हर हर महादेव और जय भोलेनाथ के जय-जयकारों के साथ निकला। इस बार यह यात्रा 52 दिनों की होगी। 29 जून से शुरू होकर बाबा बर्फानी की ये यात्रा रक्षाबंधन के दिन 19 अगस्त तक चलेगी।

शिमला में भी है एक राष्ट्रपति भवन, घूमने के लिए ऐसे कराएं बुकिंग

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आमतौर पर राष्ट्रपति भवन का नाम लेने पर लोगों के जेहन में दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन की छवि उभरती है। लेकिन दिल्ली की तरह ही हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भी एक राष्ट्रपति भवन है। यह राष्ट्रपति निवास मशोबरा के नाम से मशहूर है। देश के प्रमुख हिल स्टेशनों में से एक शिमला के मशोबरा में स्थित यह राष्ट्रपति निवास बहुत ही खूबसूरत है।

दिल्ली में हैं तो घूम आइए राष्ट्रपति भवन स्थित अमृत उद्यान, एंट्री है फ्री

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प्रकृति से प्रेम करने वाले देश-दुनिया के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। अगर आप दिल्ली में हैं तो ये मौका आपको नहीं चूकना चाहिए। राष्ट्रपति भवन स्थित अमृत उद्यान 2 फरवरी से आम लोगों के लिए खुलने जा रहा है। मुगल गार्डन के नाम से फेमस इस अमृत उद्यान की खूबसूरती का आनंद  आप 31 मार्च तक ले सकते हैं।

धरती के स्वर्ग के सफर को बनाइए और भी सुहाना, अब विस्टाडोम कोच से कीजिए कश्मीर की सैर

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धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर का सफर और सुहाना होने जा रहा है। अब आप कश्मीर की खूबसूरत वादियों को विस्टाडोम कोच से निहारते हुए यात्रा कर सकते हैं। विस्टाडोम कोच में बैठकर जब आप सफर करेंगे और रास्ते में केसर के फूलों के साथ पहाड़ों पर बिछी सफेद बर्फ को देखेंगे तो एक अलग ही दुनिया में खुद को पाएंगे।

गुजरात का धोरडो बना बेस्ट टूरिज्म विलेज, WTO ने अपनी लिस्ट में किया शामिल

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गुजरात का धोरडो गांव बेस्ट टूरिज्म विलेज बन गया है। विश्व पर्यटन संगठन (WTO) ने 19 अक्तूबर को उज्बेकिस्तान के समरकंद में पर्यटन के हिसाब से दुनिया भर के उत्कृष्ट 54 गांवों की सूची जारी की। इस सूची के लिए दुनियाभर से 260 आवेदन आए थे, जिनमें से 54 गांवों को चुना गया है। WTO की इस सूची में भारत से एकमात्र गांव गुजरात के कच्छ का धोरडो गांव है। भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करने के लिए समरकंद गई पर्यटन मंत्रालय की डीजी मनीषा सक्सेना ने यह सम्मान ग्रहण किया।

आम लोगों के खुल गया है राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान, सिर्फ 17 सितंबर तक है मौका

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नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन स्थित अमृत उद्यान आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। अमृत उद्यान पहले मुगल गार्डन के नाम से भी जाना जाता था। इसे स्वतंत्रता दिवस के एक दिन बाद 16 अगस्त से आम दर्शकों के लिए खोल दिया गया है। यह पर्यटकों के लिए एक महीने के लिए 17 सितंबर तक खुला रहेगा। 15 एकड़ में फैले इस उद्यान में आप हजारों तरह के सुंदर, मनमोहक और खूबसूरत फूलों को देख सकते हैं।

पार्वती हिल्स: यहां ये पुणे शहर का नजारा लेने के साथ नारायण और देवदेवेश्वर के भी कर सकते हैं दर्शन

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पार्वती हिल पुणे का एक फेमस जगह है। यहां करीब 2100 फीट की ऊंचाई से पुणे शहर का शानदार नजारा दिखता है। लोग यहां सुबह और शाम में सूर्योदय और सूर्यास्त देखने भी आते हैं। यहां आते ही आप एक अलग ही तरह का सुकून महसूस करेंगे। पार्वती हिल्स की चोटी पर एकांत में कई प्रेमी जोड़े भी बैठे मिल जाएंगे।

सोमेश्वर महादेव मंदिर: पुणे का 700 साल पुराना स्वयंभू मंदिर

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सोमेश्वर महादेव मंदिर पुणे के पाषण इलाके में एक प्राचीन मंदिर है। बताया जाता है कि यह करीब 700 साल पुराना मंदिर है। लोगों का कहना है कि यह स्वयंभू महादेव मंदिर है। यानी यहां शिवलिंग को स्थापित नहीं किया गया था बल्कि यहां भोलेनाथ खुद प्रकट हुए थे। यहां सोमेश्वर महादेव का शिवलिंग खुद प्रकट हुआ था। इस कारण लोगों के बीच इस मंदिर की काफी मान्यता है।

लाल महल पुणे: छत्रपति शिवाजी महाराज का यहां बिता था बचपन

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पुणे महाराष्ट्र का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यहां दर्जनों ऐतिहासिक और पर्यटक स्थल हैं। लाल महल पुणे का एक प्रमुख पर्यटक स्थल है। पुणे आने वाले पर्यटकों की लिस्ट में लाल महल का नाम जरूर होता है। लाल रंग की इमारत होने के कारण इसका नाम लाल महल है। छत्रपति शिवाजी महाराज ने बचपन के कई साल यहां गुजारे थे।

त्र्यंबकेश्‍वर ज्योतिर्लिंग- एकमात्र ज्योतिर्लिंग जहां होते हैं तीनों देव के दर्शन

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हिंदू धर्म के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक त्र्यंबकेश्‍वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र में नासिक के पास है। त्र्यंबकेश्‍वर मंदिर ब्रह्मगिरी पर्वत की तलहटी में स्थित है। हर ज्योतिर्लिंग में भगवान शिव जहां लिंग स्वरूप में विराजमान हैं, वहीं त्र्यंबकेश्‍वर ज्योतिर्लिंग में भगवान ब्रह्मा, विष्‍णु और महेश तीनों स्वरूप में विराजमान हैं। एक ज्योतिर्लिंग में ही तीनों देव के दर्शन का सौभाग्य सिर्फ यहीं मिल सकता है।

श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर: यहां दर्शन मात्र से हो जाती है हर मनोकामनाएं पूरी

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प्रथम देव गणेश। विध्नहर्ता, मंगलमूर्ति गणेश। हिंदू धर्म में हम हर विध्न-बाधा को दूर कर मंगल करने वाले देव गणेश की पूजा हम सबसे पहले करते हैं। वैसे में भगवान गणेश के देश भर में कई बड़े और प्रतिष्ठित मंदिर हैं, लेकिन महाराष्ट्र में पुणे के श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर की भक्तों के बीच अपनी एक अलग मान्यता और पहचान है। हिंदू धर्म के श्रद्धालुओं में श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर को लेकर काफी आस्था है। यहां देश दुनिया से हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं।

अब रेलवे की नई सेवा का लीजिए आनंद, सफर में कीजिए व्‍हाट्सएप से खाने का ऑर्डर

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रेलवे देश के लिए एक लाइफलाइन है। यह लोगों को सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह लाने-ले जाने का ही काम नहीं करता, बल्कि उन्हें एक-दूसरे से जोड़ता भी है। विविधता में एकता लाने का काम असल मायने में रेलवे करता है। रेलवे सफर के दौरान लोगों को कोई परेशानी ना हो इस बारे में भी पूरा ख्याल रखता है। यात्रियों की छोटी से छोटी सुविधा से लेकर विलासिता तक रेलवे हर चीज पर बारिकी से ध्यान रखता है। अब आपके लिए एक और अच्छी खबर है।

अटारी रिट्रीट के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद अब मोबाइल से घर बैठे बुक करें सीट

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पंजाब के अमृतसर में अटारी-वाघा बॉर्डर पर रिट्रीट समारोह परेड देखने की ख्वाहिश रखने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। अब आप अटारी रिट्रीट परेड के लिए ऑनलाइन सीट बुक करा सकते हैं। सीमा सुरक्षा बल- BSF ने इसके लिए एक मोबाइल एप Bsf Attari लॉन्च किया है।  बीएसएफ के डीजी एसएल थाउसेन ने 24 जनवरी 2023 को इस मोबाइल एप को लॉन्च किया।

नंदीग्राम: अयोध्या के पास भगवान राम से जुड़ा एक प्रमुख स्थल, जिसके बारे में कम ही लोगों को है पता

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अयोध्या के पास भगवान राम से जुड़ा एक प्रमुख धार्मिक स्थल है नंदीग्राम। नंदीग्राम भी अयोध्या की तरह ही एक पवित्र तीर्थ स्थल है, लेकिन इसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है। रामायण के हिसाब से नंदीग्राम का काफी महत्व है। फिर भी यहां नहीं के बराबर श्रद्धालु आते हैं। इस जगह के विकास पर अब तक कोई विशेष ध्यान दिया गया, लेकिन अब राम मंदिर निर्माण के साथ ही यहां के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

गणतंत्र दिवस परेड देखना चाहते हैं, इस तरह करें ऑनलाइन टिकट बुक

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हर साल 26 जनवरी को जब आप टीवी पर दिल्ली में कर्तव्यपथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड देखते हैं तो आपका भी मन वहां जाकर परेड देखने को करने लगता है। लेकिन मन मसोस कर रह जाते हैं कि परेड के लिए पास कहां से मिलेगा? टिकट कहां से मिलेगा और कैसे खरीद पाऊंगा? आम लोगों की इसी परेशानी को देखने हुए इस साल से ऑनलाइन टिकट की व्यवस्था की गई है। अब आप ई-पोर्टल से परेड के लिए टिकट खरीद सकते है।

श्रीराम-जानकी यात्रा: अयोध्या से जनकपुर तक भारत गौरव डीलक्स AC Tourist Train, जानिए पैकेज के बारे में सबकुछ

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रामभक्तों के लिए एक अच्छी खबर है। भारतीय रेल ने भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से उनकी ससुराल नेपाल के जनकपुर तक एक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। भारतीय रेल ने कहा है कि 17 फरवरी, 2023 से नई दिल्ली से भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन शुरू करने जा रही है। इस ट्रेन टूर का नाम 'श्रीराम-जानकी यात्रा: अयोध्या से जनकपुर' नाम दिया गया है। यह यात्रा 7 दिन की होगी।

वाराणसी में गंगा तट पर 5 स्टार होटल जैसी टेंट सिटी, जानिए क्या है खास और कैसे कराएंगे बुकिंग

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 जनवरी को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा किनारे टेंट सिटी का उद्घाटन किया। गंगा तट पर रेत में बसी टेंट सिटी में 5 स्टार होटल जैसी आलीशान सुविधाएं मौजूद हैं। टेंट सिटी में पर्यटकों की लग्जरी सुविधाओं का विशेषतौर पर ख्याल रखा गया है। इको फ्रेंडली टेंट सिटी में कई तरह के विला बनाए गए हैं। जो काफी भव्य और आलीशान हैं।  

वाराणसी से 51 दिनों के सफर पर निकला दुनिया का सबसे लंबा क्रूज, जानिए 5 स्टार सुविधा वाले गंगा विलास के बारे में हर जानकारी

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दुन‍िया का सबसे लंबा रिवर क्रूज गंगा विलास वाराणसी से 51 द‍िनों के सफर पर निकल चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 जनवरी, 2023  को हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। देश को इस सबसे लंबे रिवर क्रूज की सौगात मिलने से पर्यटन के क्षेत्र में काफी तेजी आने की उम्मीद की जा रही है। गंगा विलास को लेकर देश-दुनिया में काफी चर्चा हो रही है। विदेशी पर्यटकों की ओर से काफी पॉजिटिव रेस्पॉन्स देखने को मिला है। लोकप्रियता का आलम ये है कि पहली यात्रा में सिर्फ स्विट्जरलैंड के ही 32 पर्यटक जा रहे हैं।

सिर्फ 3 दिन में 7 महाद्वीप का सफर कर दो भारतीयों ने बना लिया घुमक्कड़ी का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

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आमतौर पर वीकेंड के साथ एक-दो दिन और छुट्टी मिल जाए तो हम लोग तीन-चार दिन के लिए आसपास के टूरिस्ट पैलेस की ओर निकल पड़ते हैं। दिल्ली वाले दो-तीन दिन की छुट्टी में पहाड़ की ओर या फिर मथुरा-वृंदावन या जयपुर की ओर चल पड़ते हैं। इससे ज्यादा होता है तो हवाई जहाज से कुछ दूर तक चले जाते हैं। लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारत के दो घुमक्कड़ों ने सिर्फ तीन दिन में 7 महाद्वीप को लांघ दिया।

अब आॉनलाइन टिकट लेकर या QR कोड स्कैन कर आराम से कीजिए ताजमहल का दीदार

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ताज का दीदार करने की चाहत रखने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। आगरा में ताजमहल देखने आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए अब ऑनलाइन टिकट की व्यवस्था को और दुरुस्त कर दिया गया है। वैसे तो आप पहले से ही ऑर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) की वेबसाइट https://asi.payumoney.com पर जाकर देश भर के किसी भी स्मारक का टिकट कटा लेते आ रहे हैं। लेकिन अब आप परिसर के भीतर बैटरी से चलने वाले गोल्फ कार्ट पर लगे QR कोड को स्कैन कर भी चलते-चलते टिकट ले सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के वे टॉप 10 पर्यटन स्थल, जहां गए बिना आपकी यात्रा नहीं होगी पूरी

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उत्तर प्रदेश देश का ऐसा राज्य है जहां सालों भर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। उत्तर प्रदेश काफी खूबसूरत राज्य है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता लोगों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर लेती है। भगवान राम की नगरी अयोध्या, भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा-वृंदावन से लेकर भगवान बुद्ध से संबंधित सारनाथ और कुशीनगर जैसे धार्मिक स्थलों पर हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। महादेव की नगरी काशी, कुंभनगरी प्रयागराज से लेकर प्रेम प्रतीक की नगरी आगरा जैसे पर्यटक स्थल घुमक्कड़ों के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन बने हुए हैं। नजाकत, नफासत और तहजीब के शहर लखनऊ गए बिना तो जैसे आपकी यात्रा पूरी ही नहीं होगी। सभी फोटो- यूपी टूरिज्म नए साल में लोग फिर से घर से बाहर निकला शुरू कर दिए हैं। वे नई-नई जगहों पर जा रहे हैं तो ऐसे में आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश के उन टॉप 10 पर्यटन स्थलों के बारे में जहां आप देश के किसी भी कोने से आसानी से पहुंच सकते हैं। 1. वाराणसी बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी को बनारस या काशी के नाम से भी जानते हैं। काशी दुनिया की सबसे प्राचीन जीवंत नगरी के रूप में विख्यात है। पवित्र गंगा नदी के किनारे बसे का...

कैंची धाम: हनुमान जी के अवतार बाबा नीब करौरी के आश्रम में आते ही हो जाती हैं हर मुराद पूरी

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नीब करौरी बाबा...नाम सुनते ही शरीर में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। मन में असीम शांति का अनुभव होने लगता है। हर दुख-दर्द दूर होता दिखने लगता है। हालांकि बाबा अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन कहीं से ये नहीं लगता कि वे पास नहीं हैं। हर पल-हर क्षण बाबा नीब करौरी आंखों के सामने नजर आने लगते हैं। बाबा जब दिल-दिमाग और जेहन में उतर जाए, तो फिर आपको भी इसी तरह का आभास होगा। ऐसा ही अनुभव और एहसास होगा। आप हर घड़ी बाबा को अपने साथ महसूस करेंगे और जब बाबा साथ हो तो चिंता किस बात की।  

ये हैं दिल्ली के टॉप 10 पर्यटक स्थल, नए साल में आप भी घूम आइए

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दिल्ली देश की राजधानी है। यहां हर साल दुनिया भर से लाखों पर्यटक आते हैं। दिल्ली में इंडिया गेट, लाल किला, कुतुब मीनार सहित कई पर्यटक स्थल हैं। यहां सालों भर पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। अब जब कोरोना संकट के बाद लोग एक बार फिर से बाहर घूमने-फिरने के लिए निकलने लगे हैं तो दिल्ली में एक बार

दिल्ली में हैं तो नवरात्रि पर इन दुर्गा मंदिरों में जरूर जाइए

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दुर्गा पूजा तो वैसे बंगाल-बिहार का मशहूर है। लेकिन नवरात्रि के दौरान दिल्ली में एक अलग ही उमंग होता है। दिल्ली के लोग नवरात्र को काफी आनंद और उत्साह के साथ मनाते हैं। बड़े-बड़े पंडाल लगाए जाते हैं और रामलीला का मंचन भी होता है। दशहरा के दिन रावण वध देखने के लिए काफी दूर-दूर से लोग आते हैं। इस सबके बीच दिल्ली के कुछ दुर्गा मंदिर हैं, जिसकी हिंदू धर्म के श्रद्धालुओं के बीच काफी मान्यता है।

बिहार के प्रमुख पर्यटक स्थल सासाराम नहीं घूमे तो क्या घूमे!

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सासाराम बिहार का एक प्रमुख पर्यटक स्थल है। यह रोहतास का जिला मुख्यालय है। यहाँ मंदिर, मकबरा, पहाड़ी, हरियाली से लेकर जलप्रपात तक वह सब कुछ है जो एक पर्यटक को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए चाहिए। बिहार के इस खूबसूरत सासाराम में एक से बढ़कर एक घूमने लायक पर्यटक स्थल हैं। यहाँ की हरियाली, पहाड़ी, किले और कल-कल बहती नदियों और झरनों के बीच आकर आप जिम कॉर्बेट और मसूरी- कैम्पटी झील को भूल जाएंगे। आपको विश्वास ही नहीं होगा कि हम बिहार में हैं और बिहार में इतनी खूबसूरत जगह भी है। यहाँ की खूबसूरती में आप खो जाएंगे।

बिहार के प्रमुख पर्यटल स्थल

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बिहार के बारे में जानकारी ना होने के कारण लोगों को काफी गलतफहमी है। इसमें मीडिया का भी बहुत बड़ा हाथ है। अखबार और न्यूज चैनलों में ज्यादातर निगेटिव खबरों के कारण लोग बिहार के बारे में सही से नहीं जानते। विहार... विहारों की भूमि बिहार से ही बौद्ध और जैन धर्म का पार्दुभाव हुआ। खालसा पंथ के संस्थापक सिखों के के दसवें और आखिरी गुरु श्री गुरुगोविंद सिंह देव जी का जन्म भी बिहार में हुआ। दुनिया को सबसे पहले लोकतंत्र बिहार ने ही दिया और दुनिया के सबसे पुराने विश्वविद्यालय का खंडहर आज भी विद्यमान है।

अप्रैल की गर्मी से राहत के लिए वीकेंड पर घूम आइए दिल्ली के पास की इन जगहों को

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इस बार दिल्ली में मार्च से ही भीषण गर्मी पड़ रही है। अप्रैल में जून की तपिश महसूस की जा रही है। इस बार दिल्ली में रिकॉर्डतोड़ गर्मी के बीच लोग कोरोना के बाद एक बार फिर घरों में बंद होने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में दिल्ली की गर्मी से राहत के लिए आप दिल्ली के पास इन तीन जगहों पर घूमने के लिए जा सकते हैं। पास होने के कारण आप इन जगहों पर आसानी से जा भी सकते हैं।

सर्दी का आनंद लेना हो तो घूम आइए पहाड़ों की रानी मसूरी

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दिल्ली से करीब 270 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मसूरी एक प्रमुख हिल स्टेशन है। मसूरी प्रकृति की गोद में बसा एक बेहद खूबसूरत शहर है। यह उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से करीब 28 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। देहरादून आने वाला हर पर्यटक यहां जरूर आता है। वैसे तो यहां गर्मी के मौसम में पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन सर्दी के मौसम में भी यहां काफी घुमक्कड़ आते हैं। सर्दी में यहां का मौसम बहुत ही शानदार रहता है।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर: पुराण से भी पुराना है बाबा का धाम

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दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी वाराणसी में है भव्य श्री काशी विश्वनाथ मंदिर। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल काशी विश्वनाथ मंदिर को विश्वेश्वर नाम से भी जाना है। मान्यता है कि बाबा विश्वनाथ अनादि काल से ही यहां विराज रहे हैं। इसीलिए आदिलिंग के रूप में अविमुक्तेश्वर को ही प्रथम लिंग माना गया है। मान्यता है कि महादेव शिव और माता पार्वती का यह आदि स्थान है।

उत्तर प्रदेश में लें सर्दियों का आनंद, ये हैं प्रदेश के सात सबसे सुहाने स्थल

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सर्दियों में घूमने का अपना एक अलग ही आनंद है। बारिश के बाद प्रकृति की खूबसूरती को निहारने के साथ अगर आप ठंड में ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के बीच सुहाने स्थलों में जाना चाहते हैं तो देश में उत्तर प्रदेश से बेहतर जगह नहीं मिलेगा। आप चाहे सोलो ट्रेवल करना पसंद करते हैं या सपरिवार, सर्दियों में यूपी के ये सात सुहाने स्थल आपके जीवन को सरगम से भर देंगे।  

अब चांदनी रात में फिर से करें ताजमहल का दीदार, एक साल बाद मिलेगा मौका

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चांदनी रात में ताजमहल का दीदार करने की चाहत रखने वाले पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। अब वे एक बार फिर से रात में ताज की खूबसूरती का दीदार कर सकेंगे। कोरोना के कारण ताजमहल को पिछले साल 17 मार्च, 2020 को बंद कर दिया गया था। कोरोना की पहली लहर में ताजमहल को 188 दिनों तक बंद रखने के बाद खोला गया, जबकि दूसरी लहर में 61 दिनों के बाद खोला गया। कोरोना के बाद भले ही ताजमहल को खोल दिया गया, लेकिन रात में दीदार की अनुमकि नहीं दी गई।

गुरु गोरखनाथ के भक्तों के लिए खुशखबरी, यूपी का अग्रणी पर्यटन केंद्र बनेगा बुंदेलखंड का गोरखगिरि

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गुरु गोरखनाथ के भक्तों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। बुंदेलखंड में महोबा स्थित गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली गोरखगिरि उत्तर प्रदेश का अग्रणी पर्यटन केंद्र बनेगा। नाथ संप्रदाय के प्रणेता गुरु गोरखनाथ के सपनों को साकार करने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखगिरि पर्वत पर मंदिर, बाजार, रोप-वे, धर्मशाला, ध्यानकेंद्र बनवा रहे हैं। इसके साथ यहां गुरु गोरखनाथ की एक बड़ी भव्य प्रतिमा भी स्थापित होगी। इस पर करीब 25 करोड़ की लागत आएगी। करीब दो हजार फीट ऊंचे गोरखगिरि पर्वत पर सिद्ध बाबा मंदिर है। यहां गर्भगृह में गुरु गोरखनाथ की खड़ाऊं-चिमटा रखा हुआ है।

घुमक्कड़ों के लिए खुशखबरी, गुजरात का केवड़िया बनेगा इको फ्रेंडली पर्यटन स्थल

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गुजरात घूमने की ख्वाहिश रखने वाले पर्यटकों के लिए एक अच्छी खबर है। गुजरात सरकार केवड़िया को इको फ्रेंडली टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर डेवलप कर रही है। 15 अगस्त से केवड़िया को ई-रिक्शा और ई-कार के लिए खोल दिया गया है। फिलहाल यहां 10 ई-रिक्शा और ई-कार शुरू किए गए हैं। 31 अक्तूबर से यहां सिर्फ ई वाहन ही चलेंगे। 31 अक्तूबर के बाद यहां डीजल- पेट्रोल की गाड़ियां नहीं चलेंगी। इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर दुरुस्त करने पर काम हो रहा है। पर्यटकों के लिए यहां ई-बस भी चलाए जाएंगे।

श्रद्धालुओं के लिए खुला पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर का पट, जानिए क्यों खास है यह मंदिर

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ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर का पट 16 अगस्त से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। 16 से 22 अगस्त तक सिर्फ पुरी के निवासी ही भगवान के दर्शन कर पाएंगे। 23 अगस्त के बाद यहां आने वाले सभी श्रद्धालु भगवान श्री जगन्नाथ का दर्शन कर पाएंगे। मंदिर में आप सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक भगवान के दर्शन कर सकेंगे। श्रद्धालुओं को कोरोना दिशानिर्देशों के तहत मास्क, सैनिटाइजर का इस्तेमाल और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा। राज्य से बाहर के लोगों को 96 घंटे के भीतर वाला आरटी-पीसीआर टेस्ट या कोविड-वैक्सीनेसन का सर्टिफिकेट दिखाना होगा।

दशरथ मांझी स्मारक: प्यार के लिए चीर दिया पहाड़ का सीना

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दशरथ मांझी एक ऐसा शख्स, एक ऐसा नाम जिसने प्यार के लिए पहाड़ का सीना चीर दिया। माउंटेन मैन के नाम से मशहूर दशरथ मांझी बिहार में गया से करीब 31 किलोमीटर दूर गहलौर गांव के एक गरीब मजदूर थे। गहलौर गांव के आसपास का इलाका काफी पिछड़ा है और आज से 50-60 साल पहले तो यहां की स्थिति काफी खराब थी। लोगों को बुनियादी सुविधाएं भी नसीब नहीं थी। गांव में ना बिजली ना पानी, इलाज के लिए के कारण पहाड़ी से घिरे अत्री ब्लॉक के उनके गांव के लोगों को नजदीकी 15 किलोमीटर दूर के वजीरगंज शहर जाने के लिए करीब 50-60 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। ऐसे में सिर्फ एक हथौड़ा और छेनी से अकेले 25 फुट ऊंचे पहाड़ को काट कर 360 फुट लंबी और 30 फुट चौड़ी सड़क बना डाली। माउंटेन मैन दशरथ मांझी ने अपने जुनून के कारण करीब 22 साल की मेहनत के बाद अत्री से वजीरगंज की दूरी को 50-60 से 15 किलोमीटर कर दिया। दशरथ मांझी ने पहाड़ काटकर रास्ता निकालने का प्रण तब लिया जब साल 1959 में उनकी पत्नी पहाड़ पार करने के क्रम में गिर गईं। समय पर दवा-पानी ना मिलने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। इसके बाद से दशरथ मांझी ने ठान लिया कि इस पहाड़ी के...

सुजाता गढ़ स्तूप: यहीं भक्त सुजाता से खीर खाकर भगवान बुद्ध को हुई थी ज्ञान का प्राप्ति

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बिहार के गया में निरंजना नदी के किनारे बकरौर गांव में स्थित सुजाता गढ़ बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक पवित्र स्थल है। यह जगह धार्मिक के साथ पुरातात्विक दृष्टि से भी काफी महत्‍वपूर्ण है। खुदाई के दौरान यहां भगवान बुद्ध की विशाल खंडित प्रतिमा और भगवान विष्णु की एक फीट ऊंची काले प्राचीन पत्थर की प्रतिमा मिली थी। यहां खुदाई में पाल वंश कालीन अभिलेख और प्रतिमा मिले हैं। यहां मिले स्तूप का व्यास 150 फीट और ऊंचाई 50 फीट है। बताया जाता है कि इस स्तूप का निर्माण सम्राट अशोक ने करवाया था।

पटना का रिवरफ्रंट गांधी घाट, वीकेंड पर शांति के बीच शाम में लीजिए गंगा आरती का आनंद

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पटना में एक बेहद खूबसूरत जगह है- गांधी घाट। इसे आप पटना का रिवरफ्रंट भी कह सकते हैं।  गंगा नदी के किनारे पटना में कई घाट है, लेकिन सबसे लोकप्रिय घाट है गांधी घाट। इस घाट का नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया है। यहां गांधीजी की अस्थियां विसर्जित होने के कारण इसका नाम गांधी घाट रखा गया है। इसलिए इस घाट का एक ऐतिहासिक महत्व भी है।

विश्व के टॉप 50 में दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मध्य एशिया में सर्वश्रेष्ठ

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दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मध्य एशिया के सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डे का अवार्ड दिया गया है। दिल्ली हवाईअड्डे के रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। साल 2020 में 50 वें नंबर से साल 2021 में दुनिया के टॉप हवाई अड्डे में 45 वें नंबर पर आ गया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाला इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का पहला एयरपोर्ट बन गया है।

गुजरात के लोथल में बनेगा देश का पहला राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर

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गुजरात के लोथल में देश का पहला 'राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएमएचसी) बनेगा। संस्कृति, पर्यटन और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्यसभा में कहा कि भारतीय समुद्री धरोहर की विरासत, लोथल को राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां राष्ट्रीय समुद्री विरासत संग्रहालय, हैरिटेज थीम पार्क, समुद्री अनुसंधान संस्थान और मनोरंजन स्थल सहित विभिन्न प्रकार की पर्यटक संबंधी सुविधाएं होंगी।

बुद्ध अस्थि अवशेष स्थल वैशाली, दुनिया भर से बौद्ध अनुयायी आते हैं यहां

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बौद्ध धर्म के अनुयायिओं के लिए बिहार का वैशाली एक पवित्र तीर्थ स्थल है। भगवान बुद्ध ने यहां कई साल गुजारे थे। वैशाली भगवान बुद्ध को काफी प्रिय था। भगवान बुद्ध के साथ ही वैशाली कई कारणों से दुनिया भर में प्रसिद्ध है। वैशाली का बासोकुंड जैन धर्म के प्रवर्तक भगवान महावीर की जन्मस्थली है। वैशाली में अशोक स्तंभ, दुनिया का सबसे प्राचीन संसद भवन राजा विशाल का गढ़, बौद्ध स्तूप, अभिषेक पुष्करणी, बावन पोखर और विश्व शांति स्तूप है।

गोलघर: 235 साल का हो गया पटना की पहचान यह ऐतिहासिक धरोहर

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दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों में से एक पटना का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है। पटना हजारों साल तक कई महान सम्राटों की राजधानी रहा है। गंगा नदी के किनारे बसा यह शहर कई ऐतिहासिक स्मारकों, धरोहरों और विरासत स्थलों का स्थल रहा है। पटना में गांधी मैदान के पश्चिम में एक ऐतिहासिक धरोहर है- गोलघर।

हिंद-इस्लामी वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण शेरशाह सूरी का मकबरा

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शेरशाह सूरी का मकबरा बिहार रोहतास जिले के सासाराम में है। शेरशाह का यह मकबरा एक विशाल सरोवर के बीचोंबीच लाल बलुआ पत्थर से बनाया गया है। शेरशाह ने अपने जीवनकाल में ही इस मकबरे का निर्माण शुरू कर दिया था, लेकिन पूरा उसके मृत्यु के तीन महीने बाद ही हो पाया। शेरशाह की मौत 13 मई, 1545 को कालिंजर किले में हो गई थी और मकबरे का निर्माण 16 अगस्त, 1545 को पूरा हुआ। शेरशाह के शव को कालिंजर से लाकर यहीं दफनाया गया था। इस मकबरे में 24 कब्रें हैं और शेरशाह सूरी की कब्र ठीक बीच में है।

जिम कार्बेट, राजाजी पार्क और रणथंभौर को मात देता बिहार का यह अकेला वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, हनीमून मनाने वालों के लिए है बजट में बेस्ट ऑप्शन

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वाल्मीकि टाइगर रिजर्व बिहार का अकेला टाइगर रिजर्व है। पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर में स्थित यह टाइगर रिजर्व प्राकृतिक विविधता से भरा पड़ा है। करीब 800 वर्ग किलोमीटर में फैले इस वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में आकर आप प्रकृति की सुंदरता के बीच खोकर रह जाएंगे। मीलों तक फैले यहाँ की हरियाली को निहारते-निहारते आप थक जाएंगे लेकिन मन नहीं भरेगा।

बिहार के इस पर्यटक स्थल पर आकर आप देहरादून-मसूरी और कैम्प्टी फॉल को भूल जाएंगे...

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दुनिया को लोकतंत्र के साथ बौद्ध, जैन धर्म और खालसा पंथ देने वाले बिहार में कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं, जहाँ आकर आप देश-विदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों को भूल जाएंगे। यहाँ ऐतिहासिक भव्य भवनों के साथ विशाल किले हैं, दिव्य मंदिर, गुरुद्वारे और स्तूप हैं, इठलाती कलकल बहती नदियाँ हैं, झरने और जलप्रपात हैं, तो विश्व को शांति का संदेश देते विहार भी हैं। लेकिन आज हम आपको बिहार के सिर्फ उस छोटे से हिस्से में लेकर जा रहे हैं जिसे देखकर आप देहरादून-मसूरी की पहाड़ियों और कैम्प्टी फॉल के जलप्रपात को भूल जाएंगे।

यूपी-बिहार से हनीमून पर नहीं जा सकते दूर? तो पास में ही हैं बजट के अंदर के ये रोमांटिक जगहें

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आमतौर पर रोमांटिक और हनीमून डेस्टिनेशन को लेकर लोगों के जेहन में हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और केरल के नाम ही सामने आते हैं। लेकिन कोरोना के कारण या फिर बजट को लेकर हम कई बार इन जगहों पर नहीं जा पाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या हमारे घर के आसपास यूपी-बिहार में ऐसा कुछ नहीं है जहां हनीमून मनाने या रोमांटिक डेट पर जा सके?

श्रावण महीने में कांवड़ों की धूम देखनी है तो यहां जाएं

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इस साल 25 जुलाई से सावन शुरू हो रहा है। सावन यानी श्रावण का महीना हिंदू धर्म के लोगों के लिए काफी खास है। श्रावण के महीने में करोड़ों हिंदू श्रद्धालु कांवड़ लेकर बाबा के धाम जाते हैं। इस महीने कांवड़ों की धूम रहती है। कुंभ के तरह ही उनकी कांवड़ यात्रा के लिए सरकार की ओर से काफी इंतजाम किए जाते हैं। सरकार की ओर से पूरा ख्याल रखा जाता है कि गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों को कोई परेशानी ना हो।

बजट में कैसे करें देश के सबसे खूबसूरत पर्यटक स्थलों में से एक हिमाचल के चंबा का सफर

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चंपावती...चंपा...और अब चंबा. हिमाचल प्रदेश में रावी नदी के किनारे 996 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय की घाटी में बसा यह इलाका एक स्वर्ग ही है। जम्मू-कश्मीर से सटे हिमाचल के इस इलाके में प्रकृति ने जमकर खूबसूरती बिखेरी है। मंदिरों से भरा यह क्षेत्र झीलों, सुंदर झरनों, बर्फ से ढके पर्वत और हरे-भरे जंगलों के कारण किसी जन्नत से कम नहीं है।

40 के बाद सफर के 15 फायदे जो कम उम्र के लोग ना जानते ना समझते हैं

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आमतौर पर हर व्यक्ति जीवन के शुरूआती दिनों में पढ़ाई-लिखाई के बाद नौकरी में बिजी हो जाता है। आप भी 40 साल की उम्र तक जॉब और पारिवारिक दायित्वों को पूरा करने में लगे रहते हैं। हर चीज में बचत के बारे में सोचते रहते हैं। नौकरी, परिवार फिर बच्चों के लिए अपनी शौक और इच्छाओं को मार देते हैं। लेकिन 40 के बाद आपका जीवन आपका अपना जीवन होता है। चालीस के बाद आपको पता चल जाता है कि आपकी जिंदगी में किन चीजों की अहमियत है और किन गैरजरूरी चीजों को जिंदगी से निकाल देना है। उन चीजों पर समय की बर्बादी क्यों,  जो आपको कुछ नहीं देतीं। ऐसे में आप कई चिंताओं से मुक्त होकर निकल पड़ते हैं दुनिया घूमने और जानने-समझने...

मन को असीम शांति प्रदान करता है नालंदा, राजगीर स्थित विश्व शांति स्तूप

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बिहार में नालंदा जिले के राजगीर में है विश्व शांति स्तूप। राजगीर में वैसे तो कई पर्यटक और तीर्थ स्थल है, लेकिन यहां का प्रमुख आकर्षण है यह विश्व शांति स्तूप। यह स्तूप 400 मीटर ऊंची रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित है। संगमरमर के पत्थरों से बने इस विश्व शांति स्तूप में भगवान बुद्ध की चार स्वर्ण प्रतिमाएं है। ये चार स्वर्ण प्रतिमाएं जीवन के चार चरणों जन्म, ज्ञान, उपदेश और मृत्यु को दर्शाती है।

World Peace Pagoda, Vaishali: विश्व को शांति का संदेश देता वैशाली का विश्व शांति स्तूप

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वैशाली का विश्व शांति स्तूप आज भी विश्व को शांति का संदेश दे रहा है। लोकतंत्र की जननी वैशाली ऐतिहासिक धरोहरों का खजाना है। यहां जैन धर्म के प्रवर्तक भगवान महावीर की जन्मस्थली बासोकुंड यानी कुंडलपुर है। अशोक का लाट यानी अशोक स्तंभ, दुनिया का सबसे प्राचीन संसद भवन राजा विशाल का गढ़, बौद्ध स्तूप, अभिषेक पुष्करणी, बावन पोखर और सबसे प्रमुख जापान की ओर बनवाया गया विश्व शांति स्तूप है।

बिहार के वैशाली में है दुनिया की सबसे पुरानी संसद: राजा विशाल का गढ़

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आज जो हम हर बात में प्रजातंत्र और लोकतंत्र की बात करते हैं उसे सबसे पहले दुनिया को बिहार ने दिया था। बिहार के वैशाली को दुनिया में पहला गणराज्य माना जाता है।  वैशाली का लिच्छवी गणराज्य विश्व का प्रथम गणतंत्र माना जाता है। यह आठ छोटे-छोटे राज्यों का संघ था और यहां सारे बड़े फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते थे।  ईसा पूर्व 6-7 सौ साल पहले वैशाली लिच्छवी गणराज्य की राजधानी थी।

अशोक स्तंभ वैशाली: जानिए जैन धर्म का यह जन्मस्थान बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए क्यों है खास

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वैशाली यानी दुनिया का पहला गणराज्य। वैशाली यानी जिसने विश्व को लोकतंत्र दिया। महाभारत युग के राजा विशाल के नाम पर बना यह वैशाली भगवान महावीर की जन्मभूमि भी है। यानी जैन धर्म के प्रवर्तक भगवान महावीर का जन्म बासोकुंड, वैशाली में ही हुआ था। लेकिन यह सिर्फ जैन धर्म के लिए ही पवित्र स्थल नहीं है, बल्कि वैशाली एक प्रमुख बौद्ध तीर्थ स्थल भी है। यहां हर साल चीन, जापान, श्रीलंका, इंडोनेशिया, नेपाल, कनाडा के साथ दुनिया भर से लाखों पर्यटक आते हैं।

माता मुंडेश्वरी मंदिर: दुनिया का सबसे प्राचीन मंदिर, जहां बलि के बाद भी जिंदा रहते हैं बकरे

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भारत में पूजा-अर्चना के लिए एक से बढ़कर एक मंदिर हैं। लेकिन मान्यता है कि देश में माता का सबसे प्राचीन मंदिर बिहार के कैमूर जिले में है। माता का यह मंदिर है- मुंडेश्वरी मंदिर। यह मंदिर शिव और शक्ति को समर्पित है। यह मंदिर देश-दुनिया में अपनी महिमा और मान्यता के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के पूर्व में माता मुंडेश्वरी की एक दिव्य और भव्य प्रतिमा है। माता की पत्थर की मूर्ति वाराही रूप में है। माता के इस रूप का वाहन महिष है।

केसरिया में है दुनिया का सबसे बड़ा स्‍तूप, भगवान बुद्ध ने महापरिनिर्वाण से पहले किया था रात्रि विश्राम

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सिख, जैन और बौद्ध धर्म के लिए बिहार सबसे पवित्र स्थल है। बिहार में बौद्ध धर्म के कई पवित्र स्थलों में से एक है केसरिया का बौद्ध स्तूप। बताया जाता है कि भगवान बुद्ध ने 483 ईसा पूर्व में कुशीनगर में महापरिनिर्वाण लेने से पहले एक रात केसरिया में बिताई थी। बताया जाता है कि वैशाली से कुशीनगर जाते वक्त केसरिया में विश्राम के दौरान उन्होंने अपना भिक्षा पात्र लिच्छविओं को सौंप दिया था।

कुशीनगर: यहां भगवान बुद्ध ने प्राप्त किया था महापरिनिर्वाण

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उत्तर प्रदेश में कुशीनगर बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। यह भगवान बुद्ध के चार पवित्र स्थानों में से एक है। बताया जाता है कि भगवान बुद्ध ने 483 ईसा पूर्व में कुशीनगर में ही आखिरी सांस ली थी यानी महापरिनिर्वाण को प्राप्त किया था। यहां रामाभार स्तूप में उनका अंतिम संस्कार किया गया था।

देवघर बाबाधाम में लगता है दुनिया का सबसे लंबा धार्मिक मेला

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इस बार 25 जुलाई रविवार से सावन का पावन महीना शुरू हो रहा है, जो 22 अगस्त रविवार तक रहेगा। सावन का नाम आते ही दिमाग में बाबा भोलेनाथ के कांवड यात्रा की बात घूमने लगती है। हर साल सावन के महीने में लोग कांवड़ लेकर बाबा भोलेनाथ को जल चढ़ाने बाबाधाम जाते हैं। करीब एक महीने के दौरान (इस बार सिर्फ 29 दिन) हर दिन लाखों लोग भोले बाबा को गंगा जल अर्पण करते हैं। वैसे तो यहां सालों भर श्रद्धालु आते हैं, लेकिन सावन के महीने का विशेष महत्व है।

नालंदा विश्वविद्यालय: दुनिया के इस सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय में बख्तियार खिलजी ने लगा दी थी आग

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शिक्षा के क्षेत्र में अभी बिहार की स्थिति भले ही दयनीय हो, लेकिन एक समय बिहार के बल पर भारत विश्व गुरु कहलाता था। विक्रमशिला के साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय प्राचीन काल में शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र था। नालंदा विश्वविद्यालय को दुनिया का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय माना जाता है। यह विश्व का प्रथम पूरी तरह से आवासीय विश्वविद्यालय था। यहां भारत ही नहीं दुनिया भर से छात्र अध्ययन करने के लिए आते थे।

जल मंदिर पावापुरी: भगवान महावीर का निर्वाण स्थल, जहां उन्होंने दिया था पहला और अंतिम उपदेश

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जल मंदिर पावापुरी जैन धर्म के अनुयायियों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। भगवान महावीर को इसी स्थल पर मोक्ष यानी निर्वाण की प्राप्ति हुई थी। जैन धर्म के लोगों के लिए यह एक पवित्र शहर है। बिहार के नालंदा जिले में राजगीर के पास पावापुरी में यह जल मंदिर है। यह वही जगह है जहां भगवान महावीर ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला और आखिरी उपदेश दिया था। भगवान महावीर ने इसी जगह से विश्व को अहिंसा के साथ जिओ और जीने दो का संदेश दिया था।

विक्रमशिला विश्वविद्यालय: दुनिया के इस प्रतिष्ठित शिक्षा के केंद्र को मुस्लिम आक्रंता बख्तियार खिलजी ने कर दिया था नष्ट

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प्राचीन काल में बिहार में नालंदा विश्वविद्यालय और विक्रमशिला विश्वविद्यालय दुनिया के दो प्रतिष्ठित शिक्षा के केंद्र थे। नालंदा विश्वविद्यालय की तरह ही विक्रमशिला विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दुनिया भर से विद्यार्थी आते रहते थे। इसका निर्माण 8 वीं शताब्दी में पाल वंश के शासक धर्मपाल ने करवाया था। धर्मपाल के बाद इसके नष्ट होने से पहले तक तेरहवीं शताब्दी तक उनके उत्तराधिकारियों ने इसका संरक्षण किया। बताया जाता है कि 1202-1203 ईस्वी में मुस्लिम आक्रंता बख्तियार खिलजी ने इसे नष्ट कर दिया।

लोगों के लिए खुला स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, यहां पहुंचते हैं सबसे ज्यादा पर्यटक

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गुजरात के केवड़िया स्थित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। कोरोना संकट काल में महामारी और कम पर्यटक आने के लिए इसे बंद कर दिया गया था। अब कोरोना की स्थिति में सुधार होने के बाद इसे फिर से खोल दिया गया है। पहले दिन यहां 300 पर्यटक पहुंचे। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए कोरोना गाइडलाइन्स का पालन करना जरूरी होगा। लोगों को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।

गोल्डन चैरियट ट्रेन: आप भी ले सकते हैं शाही यात्रा का आनंद

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गोल्डन चैरियट यानी स्वर्ण रथ... यह ट्रेन नाम के अनुरूप ही आपको एक सुनहरे सपनों की दुनिया में ले जाता है। यह आपको राजसी अंदाज में दक्षिण भारत के गौरवशाली इतिहास के दौर में ले जाता है। यह दक्षिण भारत की वास्तुकला, संस्कृति और इतिहास से रूबरू कराता है। भारतीय रेलवे का यह ट्रेन गोल्डन चैरियट न सिर्फ आपको दक्षिण भारत के खूबसूरत ऐतिहासिक और विरासत स्थलों की यात्रा पर ले जाता है, बल्कि खुद पर गर्व करने का मौका भी देता है।

बुद्ध स्मृति पार्क: पटना का सबसे लोकप्रिय उद्यान, जहां रोज आते हैं हजारों पर्यटक

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बुद्ध स्मृति पार्क काफी जल्दी ही पटना का सबसे लोकप्रिय पर्यटक स्थल बन गया है। पटना के लोगों के साथ ही यहां आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। पटना जंक्शन के पास होने के कारण पटना आने वाले तकरीबन सभी लोग यहां जरूर आते हैं। पटना का यह पार्क अब दुनियाभर के बौद्ध पर्यटकों के लिए आस्था का केंद्र बन गया है।

श्री हरिमंदिर जी साहिब: सिख धर्म का दूसरा प्रमुख तख्त है पटना साहिब

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बिहार की राजधानी पटना में स्थित है सिख धर्म का दूसरा सबसे प्रमुख तख्त श्री हरिमंदिर जी साहिब। यह सिखों के दसवें और आखिरी गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्मस्थान है। गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म 22 दिसम्बर 1666 को पटना में सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी और माता गुजरी के घर हुआ था। उनके बचपन का नाम गोबिन्द राय था। जिस घर में उनका जन्म हुआ था, आज वहीं तख्त श्री हरिमंदिर जी साहिब है।