श्रीराम-जानकी यात्रा: अयोध्या से जनकपुर तक भारत गौरव डीलक्स AC Tourist Train, जानिए पैकेज के बारे में सबकुछ

रामभक्तों के लिए एक अच्छी खबर है। भारतीय रेल ने भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से उनकी ससुराल नेपाल के जनकपुर तक एक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। भारतीय रेल ने कहा है कि 17 फरवरी, 2023 से नई दिल्ली से भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन शुरू करने जा रही है। इस ट्रेन टूर का नाम 'श्रीराम-जानकी यात्रा: अयोध्या से जनकपुर' नाम दिया गया है। यह यात्रा 7 दिन की होगी।


घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह भारत सरकार की ‘देखो अपना देश’ पहल के अनुरूप है। इस श्रीराम-जानकी यात्रा टूर ट्रेन के जरिए भारत और नेपाल के बीच के संबंध और मजबूत होंगे। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध प्रगाढ़ होंगे। भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन के जरिए जनकपुर की यात्रा कर लोग एक-दूसरे के बारे में तो जानेंगे ही, रहन-सहन और खान-पान की भी अनुभव लेंगे।


नई दिल्ली से खुलने के बाद यह स्पेशल ट्रेन अयोध्या, सीतामढ़ी, काशी, प्रयागराज और जनकपुर में रुकेगी। इस यात्रा के दौरान जनकपुर और वाराणसी में रात में होटल में रुकने की व्यवस्था की गई है। जबकि पर्यटक अयोध्या, सीतामढ़ी और प्रयागराज में दिन में घूम-फिर कर और दर्शन-पूजा करने के बाद आगे की यात्रा कर सकेंगे।

भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन नई दिल्ली के बाद सबसे पहले भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में रुकेगी। आप यहां श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, हनुमान गढ़ी और अन्य मंदिर में दर्शन-पूजा करने के बाद नंदीग्राम में भरत मंदिर का दर्शन करेंगे। अयोध्या से रवाना होने के बाद ये स्पेशल ट्रेन बिहार के सीतामढ़ी पहुंचेगी।

सीतामढ़ी से पर्यटकों के बस से नेपाल के जनकपुर ले जाया जाएगा। सीतामढ़ी से जनकपुर की दूरी करीब 70 किलोमीटर है। वैसे जनकपुर रेल नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और रामायण एक्सप्रेस ट्रेन जनकपुर तक जा चुकी है। ऐसे में इस ट्रेन को भी वहां तक ले जाने की कोशिश होनी चाहिए। पर्यटकों के लिए बस से बेहतर ट्रेन की यात्रा रहेगी।

जनकपुर में आप राम जानकी मंदिर, सीताराम विवाह मंडप और धनुष धाम में पूजा-अर्चना कर सकते हैं। पर्यटकों के लिए यहां रात्रि विश्राम की व्यवस्था होगी। अगले दिन आप फिर बस से वापस सीतामढ़ी लौटेंगे। सीतामढ़ी में रामजानकी मंदिर दर्शन के बाद आप सीता प्रकाट्य स्थल पुनौरा धाम जाएंगे। माता जानकी यहीं धरती से प्रकट हुई थीं। यहां जानकी मंदिर में दर्शन-पूजा करने के बाद आप सीतामढ़ी से ट्रेन से वाराणसी के लिए रवाना हो जाएंगे।

वाराणसी- काशी में आप गंगा स्नान कर बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान आपको श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर का अवलोकन करने का भी मौका मिलेगा। काशी में आपको तुलसी मंदिर और संकट मोचन हनुमान मंदिर में भी दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा। यहां से आप सारनाथ भी जाएंगे। भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला प्रवचन यहीं दिया था।

वाराणसी के बाद आप बस से प्रयागराज जाएंगे। प्रयागराज में आप गंगा-यमुना और सरस्वती नदी के त्रिवेणी संगम स्थल पर डुबकी लगा सकते हैं। यहां आपको शंकर विमान मंडपम, हनुमान मंदिर और भारद्वाज आश्रम जाने का मौका मिलेगा। प्रयागराज के बाद यह स्पेशल ट्रेन वापस दिल्ली लौट आएगी। सात दिन की इस सफर में आप 2500 किलोमीटर की यात्रा करेंगे।

इस अल्ट्रा मॉडर्न डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन में आपको दो फाइन डाइनिंग रेस्त्रां, एक मॉडर्न किचन, शावर क्यूबिकल्स, सेंसर आधारित वॉशरूम, फुट मसाजर सहित कई फाइव स्टार सुविधाएं मिलेंगी। इस ट्रेन में सिर्फ एसी कोच हैं- फर्स्ट एसी और सेकेंड एसी। हर कोच में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और सुरक्षा गार्ड होंगे। ट्रेन में इंफोटेनमेंट सिस्टम भी लगाया गया है।


क्या होगा किराया

इस भारत गौरव डीलक्स टूरिस्ट ट्रेन में सफर करने के लिए आपको प्रति व्यक्ति 39,775 रुपये के हिसाब से किराया देना होगा। इस किराये में 7 दिन की यात्रा के साथ एसी होटलों में रात का ठहराव, हर वक्त का भोजन, बसों में घूमना और दर्शनीय स्थलों का भ्रमण, ट्रैवल इंश्योरेंस और गाइड की सेवाएं शामिल हैं। एक बात ध्यान रखिएगा यात्रा में सिर्फ शाकाहारी भोजन दिया जाएगा।

EMI से भुगतान की सुविधा

अयोध्या से जनकपुर की इस यात्रा की एक खास बात यह है कि आप किराये का भुगतान EMI से कर सकते हैं। इसके लिए IRCTC ने Paytm और Razorpay पेमेंट गेटवे के साथ करार किया है। आप किराये का भुगतान 3 से लेकर 24 महीने की ईएमआई में कर सकते हैं। ये ईएमआई भुगतान विकल्प डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिए किए जा सकते हैं।

एक बात जरूर ध्यान रखिएगा कि इस यात्रा के लिए 18 साल या उससे अधिक उम्र के सभी पर्यटकों के लिए कोरोना यानी कोविड-19 का अंतिम टीकाकरण जरूरी है। आप सभी को यात्रा की अग्रिम शुभकामनाएं...

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-हितेन्द्र गुप्ता

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