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गुजरात का धोरडो बना बेस्ट टूरिज्म विलेज, WTO ने अपनी लिस्ट में किया शामिल

गुजरात का धोरडो गांव बेस्ट टूरिज्म विलेज बन गया है। विश्व पर्यटन संगठन (WTO) ने 19 अक्तूबर को उज्बेकिस्तान के समरकंद में पर्यटन के हिसाब से दुनिया भर के उत्कृष्ट 54 गांवों की सूची जारी की। इस सूची के लिए दुनियाभर से 260 आवेदन आए थे, जिनमें से 54 गांवों को चुना गया है। WTO की इस सूची में भारत से एकमात्र गांव गुजरात के कच्छ का धोरडो गांव है। भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करने के लिए समरकंद गई पर्यटन मंत्रालय की डीजी मनीषा सक्सेना ने यह सम्मान ग्रहण किया।



विश्व पर्यटन संगठन की ओर से यह सम्मान उन गांवों को दिया जाता है जो ग्रामीण इलाकों के विकास परिदृश्यों, सांस्कृतिक विविधता, स्थानीय मूल्यों और खान-पान परंपराओं के संरक्षण में अग्रणी हैं। कच्छ रण उत्सव के दौरान यहां दुनिया भर से हजारों लोग आते हैं। धोरडो गांव ने हाल ही में जी20 के तहत पहली पर्यटन कार्यकारी समूह की बैठक की मेजबानी भी की है।

धोरडो को बेस्ट टूरिज्म विलेज का सम्मान मिलने पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इंस्टाग्राम पर लोगों से पूछा है कि आप धोरडो के लिए अपनी यात्रा कब बुक कर रहे हैं? गुजरात के कच्छ के इस गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव टैग से सम्मानित किया गया है। इस साल 10 नवंबर से यहां टेंट सिटी में शुरू होने वाले रण उत्सव के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव का अनुभव करने का अवसर न चूकें।


रण के कच्छ के पास के इस छोटे से गांव की आबादी 600 के करीब है। पाकिस्तान से लगे कच्छ के इस इलाके में हर साल सर्दी के समय रण उत्सव का आयोजन किया जाता है। इस बार रण उत्सव का आयोजन 10 नवंबर, 2023 से 25 फरवरी, 2024 तक किया जाएगा। इस दौरान यहां पर्यटकों को ऊंट की सवारी के साथ यहां की हस्तकला और वास्तुकला की बेहतरीन कलाकृत्तियों को देखने और खरीदने का मौका मिलता है। सुई-धागा से किए गए यहां के लोगों के अद्भुत काम को देखकर आप भी वाह कह उठेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते राज्य के दूरदराज के इलाकों को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करना शुरू किया था। उन्हीं के मुख्यमंत्रित्व काल में यहां सर्दी में टेंट सिटी लगाकर रण उत्सव मनाना शुरू किया गया जो आज एक प्रमुख पर्यटक उत्सव के रूप में उभर कर सामने आया है। लोग हर साल इसका बेसब्री से इंतजार करते रहते हैं।


कैसे पहुंचे धोरडो

गुजरात का यह गांव भुज से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर है। राज्य की राजधानी अहमदाबाद से यह करीब 383 किलोमीटर दूर है। अगर आप हवाई यात्रा करना चाहते हैं तो भुज या अहमदाबाद कहीं से भी धोरडो जा सकते हैं लेकिन भुज के लिए काफी कम उड़ान है। रेल यात्रा के लिए भुज रेलवे स्टेशन करीब 80 किलोमीटर पर है। वैसे सड़क मार्ग से आप यहां भुज आकर आसानी से पहुंच सकते हैं। रण उत्सव के दौरान लोगों की सुविधा के लिए यातायात के विशेष प्रबंध किए जाते हैं।

कब पहुंचे
धोरडो तो वैसे गर्म इलाका है और यहां सालों भर लोग आते रहते हैं लेकिन यहां आने का बेहतर समय सर्दी का ही है। इस समय आप रण उत्सव का भी आनंद ले सकते हैं। तो आप सभी को धोरडो यात्रा की शुभकामनाएं... शुभ यात्रा।


ब्लॉग पर आने और इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। अगर आप इस पोस्ट पर अपना विचार, सुझाव या Comment शेयर करेंगे तो हमें अच्छा लगेगा। 

-हितेन्द्र गुप्ता

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