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Showing posts from April, 2021

Zirakpur: चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के बीच तेजी से उभरता एक सुंदर शहर

केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, हरियाणा के पंचकूला और पंजाब के मोहाली के बीच एक सुंदर शहर तेजी से लोगों के मन में जगह बना रहा है। यह शहर है जिरकपुर। चंडीगढ़ से सिर्फ दस किलोमीटर दूरी पर स्थित यह शहर धीरे-धीरे काफी लोकप्रिय होता जा रहा है। वीकेंड पर यह आसपास के पर्यटकों के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर उभर रहा है।

यमुनोत्री: जहां स्नान और दर्शन से यम भी होते हैं खुश

यमुनोत्री यानी यमुना नदी का उद्गम स्थल। गंगा के बाद देश की दूसरी सबसे पवित्र और पूज्य नदी यमुना उत्तराखंड का एक प्रमुख पर्यटक और तीर्थ स्थल है। समुद्र तट से करीब 3293 यमुनोत्री पहाड़ के चार धाम में से एक है। हिमालय की चारधाम यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री से ही होती है। इस साल 2021 में भी सबसे पहले 14 मई को यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे फिर 15 मई को गंगोत्री धाम मंदिर के कपाट खुलेंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 17 मई को और बद्रीनाथ के कपाट 18 मई को खोले जाएंगे।

Xtra Cover: यात्रा के दौरान इन बातों का जरूर रखें ध्यान

अगर आप कहीं घूमने जा रहे हैं और चाहते हैं कि आपकी यात्रा सुखद हो तो घर से निकलने से पहले कुछ खास बातों पर ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

Weekend-Getaways: दिल्ली के पास घूमने लायक 10 बेहतरीन जगह

दिल्ली के आस-पास घूमने लायक कई ऐसे पर्यटक स्थल हैं जहां आप वीकेंड पर जा सकते हैं। आप आज की भागदौड़ वाली जिंदगी के बीच सटरडे-संडे को इन जगहों पर जाकर सुकून से समय बिता सकते हैं। दिल्ली से इन जगहों पर जाने में कोई दिक्कत भी नहीं है। यहां आप अपनी गाड़ी या सार्वजनिक परिवहन से भी जा सकते हैं।

वाराणसी यानी बनारस यानी दुनिया का सबसे प्राचीन और जीवंत शहर

वरुना और असि नदी के संगम पर बसा शहर वाराणसी... यानी बनारस... यानी वह शहर जहां जीवन में हर वक्त रस बना रहता है। जीवन मस्त रहता है। गंगा किनारे स्थित बाबा भोलेनाथ ही यह नगरी दुनिया भर में काशी नाम से भी विख्यात है। लोग यहां पवित्र गंगा में डुबकी लगाने आते हैं। ऐसा माना जाता है कि यहां डुबकी लगाने से सारे पाप और कष्ट नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ ही यहां मृत्यु प्राप्त होने और अंतिम संस्कार होने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।  

उज्जैन- पृथ्वी का नाभि स्थल है महाकाल की यह नगरी

उज्जैन यानी उज्जयिनी यानी आदि काल से देश की सांस्कृतिक राजधानी। महाकाल की यह नगरी भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली रही है। मध्य प्रदेश के बीचोंबीच स्थित धार्मिक और पौराणिक रूप से दुनिया भर में प्रसिद्ध उज्जैन को मंदिरों का शहर भी कहते हैं।

ताजमहल: प्रेम और सौंदर्य के प्रतीक इस अजूबे को जीवन में एक बार जरूर देखना चाहिए

ताजमहल का नाम आते ही जेहन में वह अनुपम तस्वीर उभरती है जो सात आश्चर्यों में से एक है। उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना नदी के किनारे स्थित ताज महल अपने में एक अलग ही भव्यता को समाए हुए है। दुनिया में अप्रतिम वास्तुकला का उदाहरण यह ताज महल प्रेम और सौंदर्य का एक चमकता सितारा है। दुनिया को कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जो यहां आकर इसके आकर्षण में खो नहीं गया हो।

सारनाथ: काशी में मोक्ष प्राप्ति से पहले एक बार जरूर जाना चाहिए भगवान बुद्ध की तपस्थली

विश्व की सबसे प्राचीन नगरी काशी से 10 किलोमीटर पर है सारनाथ। यह हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म का एक प्रमुख तीर्थस्थल तो है ही, बौद्ध धर्म के अनुनायियों के लिए यह सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। माना जाता है कि भगवान बुद्ध ने बोधगया में ज्ञान प्राप्त करने के बाद अपना पहला उपदेश इसी जगह दिया था। तभी से इसे महाधर्म चक्र प्रवर्तन के नाम से जाना जाता है।

ऋषिकेश: इस योग नगरी में आप करेंगे असीम शांति का अनुभव

ऋषिकेश का नाम आते ही जेहन में सबसे पहले योग नगरी की तस्वीर उभरने लगती है। यहां आने पर हर बार कुछ नया महसूस होता है। जीवन में एक ताजगी का एक झोंका असीम शांति का अनुभव कराने लगता है। ऋषिकेश को विश्व की योग राजधानी भी कहा जाता है। लोगों का मानना है कि यहां ध्यान लगाने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहां दुनिया भर से हर साल हजारों लोग योग, ध्यान और शांति की चाह में आते हैं।

कुतुब मीनार- ईंटों से बनी दुनिया की सबसे ऊंची मीनार

दिल्ली के महरौली इलाके में बना 'कुतुब मीनार' ईंटों से बनी दुनिया की सबसे ऊंची मीनार है। दिल्ली के प्रथम मुस्लिम शासक कुतुबुद्दीन ऐबक में 1192 में इसके निर्माण का काम शुरू करवाया था, लेकिन वह ज्यादा दिन तक जिंदा नहीं रहा और इस इमारत को पूरा बनते नहीं देख पाए। कुतुबुद्दीन ऐबक के बाद उसके उत्तराधिकारियों इल्तुतमिश और फिरोज शाह तुगलक ने इसका निर्माण पूरा करवाया।

पटना: अखंड भारत को समझना है तो पाटलिपुत्र आना होगा

पटना यानी पाटलिपुत्र... दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों में से एक। पाटलिपुत्र का गौरवशाली इतिहास रहा है। पाटलिपुत्र का इतिहास 600 ईसा पूर्व से भी पुराना है। पाटलिपुत्र हजारों साल तक कई महान सम्राटों की राजधानी रहा है। पटना अजातशत्रु, चन्द्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक, चंद्रगुप्त द्वितीय, समुद्रगुप्त जैसे महान शासकों के अखंड भारत की अवधारणा को साकार करने के लिए जाना जाता है।

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग: जहां प्रतिदिन शयन करने आते हैं भोलेनाथ महादेव

हिंदू धर्म में ज्योतिर्लिंग का विशेष महत्व है और ओंकारेश्वर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में चौथा है। मध्यप्रदेश में 12 ज्योतिर्लिंगों में से 2 ज्योतिर्लिंग हैं। एक उज्जैन में महाकाल के रूप में और दूसरा ओंकारेश्वर में ओंकारेश्वर- ममलेश्वर महादेव के रूप में। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग इंदौर से 77 किलोमीटर पर है। मान्यता है कि सूर्योदय से पहले नर्मदा नदी में स्नान कर ऊं के आकार में बने इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन और परिक्रमा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहां भगवान शिव के दर्शन से सभी पाप और कष्ट दूर हो जाते हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है।

नीमराना फोर्ट (Neemrana Fort): वीकेंड पर लीजिए राजसी ठाट का आनंद

दिल्ली के पास जयपुर हाइवे पर एक जगह है नीमराना। यह जगह अपने नीमराना फोर्ट के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यह राजस्थान के अलवर जिले में एक पहाड़ी ऐतिहासिक स्थल है। दिल्ली से सिर्फ 122 किलोमीटर पर स्थित नीमराना फोर्ट वीकेंड गुजारने वाले पर्यटकों के लिए पसंदीदा जगह है। दिल्ली और जयपुर से लोग यहां पहुंच कर राजसी ठाट का आनंद लेते हैं।

Mughal Garden: आप भी कर सकते हैं राष्ट्रपति भवन स्थित इस खूबसूरत उद्यान की सैर

नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में स्थित मुगल गार्डन दुनिया के सबसे खूबसूरत उद्यानों में से एक है। अगर आप प्रकृति और खूबसूरत फूलों को पसंद करते हैं तो कम से कम एक बार इस मुगल गार्डन को देखने एक बार जरूर जाना चाहिए। यह अपनी तरह का अकेला गार्डन है जहां आपको दुनियाभर के सैकड़ों सुंदर फूलों को देखने का मौका मिलेगा। यहां आपको देखने के लिए कई तरह के रंग-बिरंगे सुगंधित फूल के साथ सैकड़ों पेड़-पौधे और फव्वारे मिलेंगे।

मुस्कुराइए की आप लखनऊ में हैं: अदब के इस शहर में कुछ दिन नवाब बन के तो देखिए

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को नवाबों का शहर कहा जाता है। अदब के इस शहर में आकर आप हमेशा के लिए यहां के होकर रह जाएंगे। लखनऊ को नजाकत और नफासत का शहर भी कहते हैं। यहां के खानपान के साथ आप 'पहले आप' 'पहले आप' के मुरीद बनकर रह जाएंगे। तहजीबों के इस शहर का रहन-सहन, पहनावा और खानपान सब कुछ काफी महीन है। यह यहां के लोगों को देश-दुनिया के अन्य हिस्सों से अलग करता है।

केदारनाथ धाम: जहां भोलेनाथ महादेव शिवशंकर करते हैं निवास

केदारनाथ धाम हिंदुओं के सबसे पवित्र और प्राचीन तीर्थस्थलों में से एक है। हर हिंदू जीवन में कम से कम एक बार यहां बाबा केदारनाथ के दर्शन जरूर करना चाहता है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह सबसे ऊंचाई पर स्थित ज्योतिर्लिंग भी है। केदारनाथ हिमालय क्षेत्र के चार धाम (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री तथा यमुनोत्री ) और पंच केदार (केदारनाथ, रूद्रनाथ, कल्पेश्वर, मध्येश्वर, तुंगनाथ) में से भी एक है।

जंतर-मंतर: ज्ञान-विज्ञान में दिलचस्पी हैं तो इस वेधशाला में जरूर आएं

जंतर-मंतर का नाम आते ही सबसे पहले जेहन में जो तस्वीर उभर कर सामने आती है वो धरना-प्रदर्शन की होती है। यहां सालों भर किसी ना किसी चीज को लेकर विरोध प्रदर्शन होते रहता है। यहां एक साथ कई प्रदर्शन होते रहते हैं। जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे लगते रहते हैं। यहां ज्यादातर जाना भी इसी सिलसिले में होता है। लेकिन यह जंतर-मंतर का धरना-प्रदर्शन स्थल खगोलीय वेधशाला को लेकर प्रसिद्ध है।

इंफाल: प्राकृतिक अजूबों से भरा ऐसा शहर जहां आपको एक बार तो जरूर जाना चाहिए

मणिपुर की राजधानी इंफाल सच में भारत का एक मणि है। यह शहर प्राकृतिक अजूबों से भरा पड़ा है। प्रकृति की खूबसूरत छटा यहां हर जगह बिखरी हुई है। इंफाल एक ऐसा शहर है जहां जीवन में कम से कम एक बार सभी को जरूर आना चाहिए। पहाड़ों के बीच बसा यह शहर अपने प्राकृतिक गुफाओं, झीलों, चाय के बगानों, वन्यजीवों और पहाड़ी हरियाली के लिए मशहूर है।

हरिद्वार: हरि को पाना है तो यहां आना होगा

हरिद्वार यानी हरि तक पहुंचने का द्वार। ईश्वर को जानना, समझना और पाना चाहते हैं तो आप जो यात्रा शुरू करेंगे उसकी शुरुआत हरिद्वार से होगी।  हरि को पाने का रास्ता आपको यहीं से मिलेगा। हरिद्वार से ही हिंदू धर्म के चार धाम- केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री की यात्रा शुरू होती है।

गंगा आरती: जिसे देखने खुद देवता आते हैं काशी के घाट पर

गंगा आरती का नाम आते ही अनायास काशी के 84 घाटों में से दशाश्वमेध घाट और ललिता घाट की याद आ जाती है। दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी काशी में गंगा घाट किनारे रोज शाम होने वाली गंगा आरती आपके जीवन को बदल कर रख देगी। भोलेनाथ महादेव के इस वाराणसी में दशाश्वमेध पर जब युवा पंडित गंगा आरती और गंगा मंत्र का उच्चारण करते हैं तो लगता है जैसे स्वर्ग भूमि पर उतर आया हो। गंगा आरती के दिव्य दृश्य को देखकर आपको लगेगा कि जीवन धन्य हो गया। गंगा आरती का ही एक दिव्य स्परूप है देव दीपावली। इस दिन पूरे वाराणसी में दिवाली मनाई जाती है। घाटों को शादी या किसी भव्य समारोह की तरह सजाया जाता है। पूरा शहर जगमग करता रहता है। देव दीपावली को श्रद्धालु गंगा नदी के पावन जल में लाखों दीये विसर्जित करते हैं। आरती के वक्त पूरे माहौल में धूप की एक अलग ही सुगंध फैल जाती है। आरती के समय मंत्रों की गूंज आपके दिल-दिमाग ही नहीं बल्कि आत्मा को भी झंकृत कर देती है। आम लोगों के साथ विदेशी पर्यटक भी गंगा आरती को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। गंगा आरती, देव दीपावली, गंगा घाट और भोलेनाथ की नगरी काशी सभी एक दूसरे के पूरक हैं। दुनिया का स

फतेहपुर सीकरी: आगरा घूमने जा रहे हैं तो यहां जरूर जाइएगा

ताजमहल दुनिया भर में प्रेम के प्रतीक के रूप में मशहूर है। ताजमहल को देखने के लिए प्रतिदिन दुनिया भर से हजारों लोग आगरा आते हैं। ज्यादातर लोग ताजनगरी आने के बाद बस ताजमहल, आगरा का किला, जामा मस्जिद और यहां के बाग को देखकर या फिर यहां मार्केटिंग कर घर लौट जाते हैं। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ताजमहल के अलावा आगरा के पास काफी कुछ देखने को है।

एलोरा की गुफाएं: यहां पत्थर भी गीत गाते हैं

एलोरा की गुफाएं पहाड़ और चट्टानों को काटकर बनाई गई एक ऐसी जगह है जहां पत्थर भी गीत गाते हैं। यहां आकर आप पत्थरों को काटकर, तराशकर बनाई गई गुफाओं को देखकर भारतीय कारीगरी और वास्तुकला की अद्भुत दुनिया में खो जाएंगे।

दरभंगा एयरपोर्ट से मिथिला में पर्यटन को लगे पंख

दरभंगा में एयरपोर्ट शुरू होने से मिथिलि में पर्यटन को पंख लग गए हैं। दरभंगा एयरपोर्ट उड़ान योजना के तहत देश में सबसे सफल एयरपोर्ट बन गया है। 8 नवंबर, 2020 को यहां से हवाई सेवा शुरू होने के पांच महीने से भी कम समय में 1 लाख 75 हजार से ज्यादा लोगों ने यात्रा की है। उड़ान योजना के तहत यह एक रिकॉर्ड है।

Corona काल में यात्रा: कहीं जाने से पहले इन बातों का जरूर रखें ध्यान

कोरोना का कहर जारी है। देशभर में कोरोना फिर से उफान पर है। रोज नए मामले सामने आ रहे हैं। कई इलाकों में फिर से लॉकडाउन लगाने की नौबत आ गई है। कोरोना के खौफ ने एक बार फिर लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया है।

बिरला मंदिर दिल्ली: जहां जाति-धर्म के नाम पर नहीं होता किसी से कोई भेदभाव

दिल वालों की दिल्ली में एक ऐसा मंदिर है जहां जाति-धर्म के नाम पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। लक्ष्मी नारायण मंदिर के नाम से विख्यात इस मंदिर को देश-दुनिया के लोग बिरला मंदिर के नाम से जानते हैं।

अद्भुत, अनुपम और अविस्मरणीय अनुभव करना चाहते हैं तो आपके पास है जन्नत की सैर का सुनहरा अवसर

दुनिया में कुछ ऐसी चीजें हैं जिसे आप देखकर, सामने जाकर ही अनुभव कर सकते हैं। धरती का स्वर्ग कश्मीर भी कुछ ऐसा ही है। अगर आप कुछ अद्भुत, अनुपम और अविस्मरणीय अनुभव करना चाहते हैं...इस धरती पर स्वर्ग को देखना चाहते हैं तो आपको कश्मीर जाना होगा।