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Showing posts from April, 2020

दिल्ली के इस मंदिर में तुलसीदास जी ने की थी हनुमान चालीसा की रचना

दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस के पास बाबा खड़क सिंह मार्ग पर स्थित है प्राचीन हनुमान मंदिर। मंगलवार और शनिवार के दिन यहां श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी रहती है। हनुमान जयंती को भी यहां भारी भीड़ जुटती है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यह महाभारत काल का मंदिर है और हस्तिनापुर से अलग इंद्रप्रस्थ बसाने के क्रम में ही पांडवों ने इस मंदिर को बनाया था।

राष्ट्रपति भवन की सैर करना चाहते हैं, ऐसे कराएं बुकिंग

प्रधानमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह हो या किसी पद्म सम्मान का समारोह, टीवी पर राष्ट्रपति भवन से जब भी कोई का कार्यक्रम प्रसारित होता है तो मन वहां जाने का करने लगता है। राष्ट्रपति भवन दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के राष्ट्रपति का निवास स्थल है। इस इमारत के निर्माण में 17 साल का समय लगा है। इसका निर्माण कार्य 1912 में शुरु हुआ और 1929 में यह बन कर तैयार हुआ। इसे रायसीना हिल पर बनाया गया है।

दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस के पास है अग्रसेन की बावली, गए हैं या नहीं?

दिल्ली के बीचोंबीच कनॉट प्लेस के पास बना है अग्रसेन की बावली। कनॉट प्लेस और इंडिया गेट के बीच कस्तुरबा गांधी मार्ग पर हेली रोड के पास स्थित यह अग्रसेन की बावली बेहद ही खूबसूरत जगह है, लेकिन यह जानकर आपको ताज्जुब होगा कि दिल्ली के कई लोग इस बावली के बारे में नहीं जानते हैं। वैसे इक्का-दुक्का अप्रिय घटनाओं के कारण कुछ लोग इसे हॉन्टेड प्लेस भी कहते हैं।

ये हैं नोएडा सेक्टर 18 मार्केट के सात सबसे बढ़िया शाकाहारी रेस्टोरेंट

आजकल शहर के बड़े रेस्त्रां में वेज-नॉन वेज दोनों खाना एक साथ परोसे जाने से शाकाहारी लोगों को काफी परेशानी होती है। शाकाहारी लोगों के लिए शहरों में खाने-पीने की बेहतर जगह ढूंढना काफी मुश्किल होता है। आपकी इसी परेशानी को ध्यान में रखकर आज मैं नोएडा के मेन मार्केट सेक्टर 18 के सात बेस्ट शाकाहारी रेस्त्रां का यहां जिक्र करने जा रहा हूं। अब जब भी नोएडा सेक्टर 18 या इसके आसपास के इलाके में मार्केटिंग

दिल्ली से वीकेंड यात्रा- घूम आइए धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने दिए गीता के उपदेश

कुरुक्षेत्र हरियाणा में स्थित एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का स्थल है। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के दिए गीता के अपने पहले श्लोक में ही धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के रूप में इसका वर्णन किया है। इसी भूमि पर महाभारत की लड़ाई लड़ी गई थी। भगवान कृष्ण ने अर्जुन को यहां के ज्योतिसर में कर्म के दर्शन का ज्ञान दिया था। 

दिल्ली का फैशन स्ट्रीट है जनपथ मार्केट

लेटेस्ट फैशन के दीवाने लोगों के बीच दिल्ली का जनपथ मार्केट काफी पॉपुलर है। यह दिल्ली का फैशन स्ट्रीट है। दिल्ली की लड़कियों, खासकर कॉलेज की लड़कियों की जान है यह जनपथ मार्केट। स्ट्रीट शॉपिंग करने वाले लोगों के लिए यह एक फेवरिट जगह है। कनॉट पैलेस के पास होने के कारण यहां लोगों की भीड़ लगी रहती है।

श्री बालाजी सालासर धाम मंदिर यात्रा

श्री खाटू श्याम भगवान का दर्शन करने के बाद हम दिल्ली एनसीआर से आए सभी लोग श्री बालाजी सालासर धाम की ओर रवाना हो गए। श्री बालाजी सालासर धाम भी बहुत ही दिव्य स्थल है। यह राजस्‍थान के चुरू ज‌िले में है। यहां हनुमान जी को सालासर बालाजी के नाम से जानते हैं। शायद यह देश का एकलौता दाढ़ी-मूछों वाले हनुमान जी यानी बालाजी का मंदिर है।

श्री खाटू श्याम जी दर्शन यात्रा

राजस्थान में शेखावाटी इलाके के सीकर जिले में है खाटू श्याम धाम। यहां भगवान श्रीकृष्ण के कलयुगी अवतार खाटू श्यामजी की दुनियाभर में प्रसिद्ध मंदिर है। बचपन से ही श्री खाटू श्याम जी भगवान के दर्शन की इच्छा थी और जब पता चला कि हमारे यहां से एक बस खाटू जी जा रही है, तो खुद को रोक ना सका। शनिवार की रात

खंडहर में तब्दील होता राजनगर का राज कैंपस

राजनगर का ऐतिहासिक राज कैंपस खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। बिहार के मधुबनी जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह राज कैंपस राज्य सरकार की अनदेखी के कारण उपेक्षित पड़ा हुआ है। यह कैंपस इंक्रीडेबल इंडिया का एक बेहतरीन उदाहरण है। यहां के महल और मंदिर स्थापत्य कला के अद्भूत मिसाल पेश करते हैं। दीवारों पर की गई नक्काशी, कलाकारी और कलाकृति देखकर आप दंग रह जाएंगे।

मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा में है पर्यटन की अपार संभावनाएं

पग-पग पोखर, पान मखान
सरस बोल, मुस्की मुस्कान
विद्या-वैभव शांति प्रतीक
ललित नगर दरभंगा थिक

मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा विद्या, वैभव, खानपान, मधुर मुस्कान और अपनी मीठी बोली के लिए दुनियाभर में मशहूर है। ध्रुपद गायन, मिथिला पेंटिंग, सिक्की और सुजनी लोककला के साथ अपनी गौरवशाली संस्कृति पर मिथिला के लोग नाज कर करते हैं। इन गौरवशाली अतीत और आसपास सैकड़ों पर्यटक स्थल होने के बावजूद मिथिला का ह्रदय स्थल दरभंगा आजादी के बाद से ही उपेक्षित है।

सैर के साथ सैर

सैर यानी यात्रा, घूमना-फिरना, देशाटन, पर्यटन, नए लोगों और नए स्थानों के बारे में जानना-समझना, देश-दुनिया के बारे में अपनी सोच-समझ को व्यापक रूप देना। हम देश दुनिया की सैर इसलिए करते हैं कि अपने ज्ञान को विस्तार दे सकें। एक-दूसरे के बारे में जान सकें। नई-नई जगहों पर जाने से कई तरह की नई जानकारियां मिलती है। मानसिक विकास भी होता है, लेकिन आजकल पर्यटन के नाम पर हम कर क्या रहे हैं?