Skip to main content

राष्ट्रपति भवन की सैर करना चाहते हैं, ऐसे कराएं बुकिंग

प्रधानमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह हो या किसी पद्म सम्मान का समारोह, टीवी पर राष्ट्रपति भवन से जब भी कोई का कार्यक्रम प्रसारित होता है तो मन वहां जाने का करने लगता है। राष्ट्रपति भवन दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के राष्ट्रपति का निवास स्थल है। इस इमारत के निर्माण में 17 साल का समय लगा है। इसका निर्माण कार्य 1912 में शुरु हुआ और 1929 में यह बन कर तैयार हुआ। इसे रायसीना हिल पर बनाया गया है।

फोटो सौजन्य राष्ट्रपति भवन
राष्ट्रपति भवन 330 एकड़ में फैली हुई है और इसमें कार्यालय, अतिथि कक्षों और कर्मचारी कक्षों समेत 340 कमरे हैं। इस परिसर में 74 बरामदे, 37 सभागृह, 18 सीढ़ियां और 37 फव्वारे हैं। राष्ट्रपति भवन वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। आकार, विशालता और भव्यता के मामले में कुछ ही राष्ट्र प्रमुख के सरकारी आवासीय परिसर राष्ट्रपति भवन की बराबरी कर पाएंगे।

फोटो सौजन्य राष्ट्रपति भवन
राष्ट्रपति भवन में दो हॉल प्रमुख तौर पर प्रसिद्ध हैं- अशोक हॉल और दरबार हॉल। राष्ट्रपति भवन के ज्यादातर समारोह या कार्यक्रम यहीं होते हैं। मंत्रियों के शपथ ग्रहण अशोक हॉल में होते हैं और पद्म सम्मान जैसे कार्यक्रम दरबार हॉल में होते हैं।
अशोक हॉल, फोटो सौजन्य राष्ट्रपति भवन

दरबार हॉल में गौतम बुद्ध की एक प्रतिमा जिसकी उंचाई इंडिया गेट के बराबर है। यहां से इंडिया गेट एक सीध में दिखता है।
दरबार हॉल, फोटो सौजन्य राष्ट्रपति भवन
राष्ट्रपति भवन में चार मंजिलें हैं और इस भवन की एक खूबी यह भी है कि इसके खंभों में मंदिरों की घंटियों को लगाया गया है। राष्ट्रपति भवन के ठीक सामने उद्यान में एक मीनार की तरह पिलर है जिसे जयपुर कॉलम कहते हैं। यह अपने आप में गर्व का एहसास कराता है।

जयपुर कॉलम, फोटो सौजन्य राष्ट्रपति भवन
राष्ट्रपति भवन में कई अलग-अलग आकार वाले उद्यान भी हैं। इसमें सबसे फेमस राष्ट्रपति भवन के पीछे का मुगल गार्डन है। मुगल उद्यान हर साल फरवरी- मार्च में आम लोगों के लिए खोल दिया जाता है, लेकिन इस दौरान आप राष्ट्रपति भवन में नहीं जा सकते।
लॉर्ड बुद्ध, फोटो सौजन्य राष्ट्रपति भवन

राष्ट्रपति भवन को घूमने के लिए तीन सर्किट में बांटा गया है। एक बार में आप इनमें से सिर्फ एक सर्किट का ही बुकिंग करा सकते हैं। सर्किट वन में मेन बिल्डिंग, फोरकोर्ट, रिसेप्शन, नवाचार, बैंक्वेट हॉल, लाइब्रेरी, गेस्ट विंग, अशोक हॉल, दरबार हॉल, नॉर्थ ड्राइंग रूम, लॉन्ग ड्राइंग रूम, और लॉर्ड बुद्ध स्टेच्यू देख सकते हैं। सर्किट 2 में राष्ट्रपति भवन का म्यूजियम कॉम्पलेक्स है, जबकि सर्किट 3 में राष्ट्रपति भवन का गार्डन शामिल है। तीनों सर्किट घूमने की टाइमिंग एक ही तरह सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक है।राष्ट्रपति भवन सैर करने के लिए सोमवार को बंद रहता है।
शपथ ग्रहण समारोह, फोटो सौजन्य राष्ट्रपति भवन
इसके अलावा आप चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी की भी बुकिंग भी करवा सकते हैं। 
मुगल गार्डन, फोटो सौजन्य राष्ट्रपति भवन

अगर आप राष्ट्रपति भवन देखना चाहते है तो अब आप आसानी से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन/ बुकिंग कराकर यहां जा सकते हैं। ऑनलाइन बुकिंग कराने के लिए आपको http://rashtrapatisachivalaya.gov.in/rbtour/ पर जाकर ‘Plan Your Visit’ कटेगरी क्लिक करना होगा।

वैसे आप यहां राष्ट्रपति भवन क्लिक कर भी बुकिंग करा सकते हैं। बुकिंग के लिए आपको प्रति व्यक्ति 50 रुपये फीस भी चुकाने होंगे। आठ साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कोई शुल्क नहीं है। शुल्क आपको ऑनलाइन ही बुकिंग के समय देने होंगे।


लिंक को क्लिक करने पर आपको कैलेंडर भी दिखेगा। जिस दिन आप वहां जाना चाहते हैं, उसे सेलेक्ट कर बुकिंग करा लीजिए।

कैसे पहुंचे-
राष्ट्रपति भवन दिल्ली के दिल में बसा हुआ है। आप यहां देश के किसी भी हिस्से से आसानी से पहुंच सकते हैं। दिल्ली मेट्रो के केंद्रीय सचिवालय या उद्योग भवन से काफी पास है। आप यहां से टैक्सी या ऑटो से भी आ सकते हैं। अगर राष्ट्रपति भवन के पास संसद भवन, नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को देखते हुए यहां आना चाहते हैं तो पैदल भी जा सकते हैं।

फोटो सौजन्य राष्ट्रपति भवन

FAM Trips, Blogger Meets, Product Launch Events, Product Review या किसी भी तरह का collaboration के लिए guptahitendra [at] gmail.com पर संपर्क करें।
ब्लॉग पर आने और इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। अगर आप इस पोस्ट पर अपना विचार, सुझाव या Comment शेयर करेंगे तो हमें अच्छा लगेगा। धन्यवाद...

Comments

Popular posts from this blog

Contact Us

Work With Me FAM Trips, Blogger Meets, Product Launch Events, Product Review या किसी भी तरह के collaboration के लिए guptahitendra [at] gmail.com पर संपर्क करें। Contact me at:- Email – guptagitendra [@] gmail.com Twitter – @GuptaHitendra Instagram – @GuptaHitendra Facebook – GuptaHitendra

दिल्ली के इस मंदिर में तुलसीदास जी ने की थी हनुमान चालीसा की रचना

दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस के पास बाबा खड़क सिंह मार्ग पर स्थित है प्राचीन हनुमान मंदिर। मंगलवार और शनिवार के दिन यहां श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी रहती है। हनुमान जयंती को भी यहां भारी भीड़ जुटती है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यह महाभारत काल का मंदिर है और हस्तिनापुर से अलग इंद्रप्रस्थ बसाने के क्रम में ही पांडवों ने इस मंदिर को बनाया था।

About Us

Hitendra Gupta ट्रेवल ब्लॉगर, मीडिया प्रोफेशनल, डिजिटल इन्फ्लुएंसर और प्रकृति प्रेमी शाकाहारी मैथिल

भूतों का गढ़: भानगढ़

क्या वाकई में भूत होते हैं ? क्या वो दिखाई देते हैं ? क्या वो किसी रुप में खुद के होने का अहसास कराते हैं ? जो लोग भूत-प्रेतों में विश्वास करते हैं जाहिर है उनका जवाब हां में होगा । लेकिन नहीं मानने वाले इन बातों को हंसी में उड़ा देंगे । लेकिन भारत सरकार का पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग उन लोगों में शामिल है जो इस धारणा में विश्वास करता है कि वास्तव में भूत होते हैं । यानि सरकारी तौर पर भूतों के अस्तित्व को स्वीकार कर लिया गया है । कम से कम राजस्थान के भानगढ़ किले को लेकर तो ये कहा हीं जा सकता है । किले के बाहर भारतीय पुरातत्व विभाग का बोर्ड लगा है, जिस पर स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि यहां सूर्यास्त के बाद प्रवेश वर्जित है। दिल्ली से करीब 300 किलोमीटर दूर राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भानगढ़ का किला देश की दस सबसे डरावनी भूतिया जगहों की सूची में यूं हीं शुमार नहीं है । वैसे भी, पुराने किले, मौत, हादसों, अतीत और रूहों का अपना एक अलग ही सबंध और संयोग होता है । दुनिया भर में कई ऐसे पुराने किले है जिनका अपना एक अलग ही काला अतीत है और वहां आज भी रूहों का वास होने की बात कही जाती है ।भानगढ़ के

मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा में है पर्यटन की अपार संभावनाएं

पग-पग पोखर, पान मखान सरस बोल, मुस्की मुस्कान विद्या-वैभव शांति प्रतीक ललित नगर दरभंगा थिक मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा विद्या, वैभव, खानपान, मधुर मुस्कान और अपनी मीठी बोली के लिए दुनियाभर में मशहूर है। ध्रुपद गायन, मिथिला पेंटिंग, सिक्की और सुजनी लोककला के साथ अपनी गौरवशाली संस्कृति पर मिथिला के लोग नाज कर करते हैं। इन गौरवशाली अतीत और आसपास सैकड़ों पर्यटक स्थल होने के बावजूद मिथिला का ह्रदय स्थल दरभंगा आजादी के बाद से ही उपेक्षित है।

खंडहर में तब्दील होता राजनगर का राज कैंपस

राजनगर का ऐतिहासिक राज कैंपस खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। बिहार के मधुबनी जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह राज कैंपस राज्य सरकार की अनदेखी के कारण उपेक्षित पड़ा हुआ है। यह कैंपस इंक्रीडेबल इंडिया का एक बेहतरीन उदाहरण है। यहां के महल और मंदिर स्थापत्य कला के अद्भूत मिसाल पेश करते हैं। दीवारों पर की गई नक्काशी, कलाकारी और कलाकृति देखकर आप दंग रह जाएंगे।

ये हैं नोएडा सेक्टर 18 मार्केट के सात सबसे बढ़िया शाकाहारी रेस्टोरेंट

आजकल शहर के बड़े रेस्त्रां में वेज-नॉन वेज दोनों खाना एक साथ परोसे जाने से शाकाहारी लोगों को काफी परेशानी होती है। शाकाहारी लोगों के लिए शहरों में खाने-पीने की बेहतर जगह ढूंढना काफी मुश्किल होता है। आपकी इसी परेशानी को ध्यान में रखकर आज मैं नोएडा के मेन मार्केट सेक्टर 18 के सात बेस्ट शाकाहारी रेस्त्रां का यहां जिक्र करने जा रहा हूं। अब जब भी नोएडा सेक्टर 18 या इसके आसपास के इलाके में मार्केटिंग

दिल्ली से वीकेंड यात्रा- घूम आइए धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने दिए गीता के उपदेश

कुरुक्षेत्र हरियाणा में स्थित एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का स्थल है। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के दिए गीता के अपने पहले श्लोक में ही धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के रूप में इसका वर्णन किया है। इसी भूमि पर महाभारत की लड़ाई लड़ी गई थी। भगवान कृष्ण ने अर्जुन को यहां के ज्योतिसर में कर्म के दर्शन का ज्ञान दिया था। 

श्री खाटू श्याम जी दर्शन यात्रा

राजस्थान में शेखावाटी इलाके के सीकर जिले में है खाटू श्याम धाम। यहां भगवान श्रीकृष्ण के कलयुगी अवतार खाटू श्यामजी की दुनियाभर में प्रसिद्ध मंदिर है। बचपन से ही श्री खाटू श्याम जी भगवान के दर्शन की इच्छा थी और जब पता चला कि हमारे यहां से एक बस खाटू जी जा रही है, तो खुद को रोक ना सका। शनिवार की रात