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कैंची धाम: हनुमान जी के अवतार बाबा नीब करौरी के आश्रम में आते ही हो जाती हैं हर मुराद पूरी

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नीब करौरी बाबा...नाम सुनते ही शरीर में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। मन में असीम शांति का अनुभव होने लगता है। हर दुख-दर्द दूर होता दिखने लगता है। हालांकि बाबा अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन कहीं से ये नहीं लगता कि वे पास नहीं हैं। हर पल-हर क्षण बाबा नीब करौरी आंखों के सामने नजर आने लगते हैं। बाबा जब दिल-दिमाग और जेहन में उतर जाए, तो फिर आपको भी इसी तरह का आभास होगा। ऐसा ही अनुभव और एहसास होगा। आप हर घड़ी बाबा को अपने साथ महसूस करेंगे और जब बाबा साथ हो तो चिंता किस बात की।  

अप्रैल की गर्मी से राहत के लिए वीकेंड पर घूम आइए दिल्ली के पास की इन जगहों को

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इस बार दिल्ली में मार्च से ही भीषण गर्मी पड़ रही है। अप्रैल में जून की तपिश महसूस की जा रही है। इस बार दिल्ली में रिकॉर्डतोड़ गर्मी के बीच लोग कोरोना के बाद एक बार फिर घरों में बंद होने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में दिल्ली की गर्मी से राहत के लिए आप दिल्ली के पास इन तीन जगहों पर घूमने के लिए जा सकते हैं। पास होने के कारण आप इन जगहों पर आसानी से जा भी सकते हैं।

सर्दी का आनंद लेना हो तो घूम आइए पहाड़ों की रानी मसूरी

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दिल्ली से करीब 270 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मसूरी एक प्रमुख हिल स्टेशन है। मसूरी प्रकृति की गोद में बसा एक बेहद खूबसूरत शहर है। यह उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से करीब 28 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। देहरादून आने वाला हर पर्यटक यहां जरूर आता है। वैसे तो यहां गर्मी के मौसम में पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन सर्दी के मौसम में भी यहां काफी घुमक्कड़ आते हैं। सर्दी में यहां का मौसम बहुत ही शानदार रहता है।

श्रावण महीने में कांवड़ों की धूम देखनी है तो यहां जाएं

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इस साल 25 जुलाई से सावन शुरू हो रहा है। सावन यानी श्रावण का महीना हिंदू धर्म के लोगों के लिए काफी खास है। श्रावण के महीने में करोड़ों हिंदू श्रद्धालु कांवड़ लेकर बाबा के धाम जाते हैं। इस महीने कांवड़ों की धूम रहती है। कुंभ के तरह ही उनकी कांवड़ यात्रा के लिए सरकार की ओर से काफी इंतजाम किए जाते हैं। सरकार की ओर से पूरा ख्याल रखा जाता है कि गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों को कोई परेशानी ना हो।

यमुनोत्री: जहां स्नान और दर्शन से यम भी होते हैं खुश

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यमुनोत्री यानी यमुना नदी का उद्गम स्थल। गंगा के बाद देश की दूसरी सबसे पवित्र और पूज्य नदी यमुना उत्तराखंड का एक प्रमुख पर्यटक और तीर्थ स्थल है। समुद्र तट से करीब 3293 यमुनोत्री पहाड़ के चार धाम में से एक है। हिमालय की चारधाम यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री से ही होती है। इस साल 2021 में भी सबसे पहले 14 मई को यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे फिर 15 मई को गंगोत्री धाम मंदिर के कपाट खुलेंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 17 मई को और बद्रीनाथ के कपाट 18 मई को खोले जाएंगे।

ऋषिकेश: इस योग नगरी में आप करेंगे असीम शांति का अनुभव

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ऋषिकेश का नाम आते ही जेहन में सबसे पहले योग नगरी की तस्वीर उभरने लगती है। यहां आने पर हर बार कुछ नया महसूस होता है। जीवन में एक ताजगी का एक झोंका असीम शांति का अनुभव कराने लगता है। ऋषिकेश को विश्व की योग राजधानी भी कहा जाता है। लोगों का मानना है कि यहां ध्यान लगाने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहां दुनिया भर से हर साल हजारों लोग योग, ध्यान और शांति की चाह में आते हैं।

Kedarnath Dham: केदारनाथ धाम- जहां भोलेनाथ महादेव शिवशंकर करते हैं निवास

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केदारनाथ धाम हिंदुओं के सबसे पवित्र और प्राचीन तीर्थस्थलों में से एक है। हर हिंदू जीवन में कम से कम एक बार यहां बाबा केदारनाथ के दर्शन जरूर करना चाहता है। यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह सबसे ऊंचाई पर स्थित ज्योतिर्लिंग भी है। केदारनाथ हिमालय क्षेत्र के चार धाम (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री तथा यमुनोत्री ) और पंच केदार (केदारनाथ, रूद्रनाथ, कल्पेश्वर, मध्येश्वर, तुंगनाथ) में से भी एक है।

Haridwar: हरि को पाना है तो हरिद्वार आना होगा

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हरिद्वार यानी हरि तक पहुंचने का द्वार। ईश्वर को जानना, समझना और पाना चाहते हैं तो आप जो यात्रा शुरू करेंगे उसकी शुरुआत हरिद्वार से होगी।  हरि को पाने का रास्ता आपको यहीं से मिलेगा। हरिद्वार से ही हिंदू धर्म के चार धाम- केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री की यात्रा शुरू होती है।

सैर के साथ सैर

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सैर यानी यात्रा, घूमना-फिरना, देशाटन, पर्यटन, नए लोगों और नए स्थानों के बारे में जानना-समझना, देश-दुनिया के बारे में अपनी सोच-समझ को व्यापक रूप देना। हम देश दुनिया की सैर इसलिए करते हैं कि अपने ज्ञान को विस्तार दे सकें। एक-दूसरे के बारे में जान सकें। नई-नई जगहों पर जाने से कई तरह की नई जानकारियां मिलती है। मानसिक विकास भी होता है, लेकिन आजकल पर्यटन के नाम पर हम कर क्या रहे हैं?