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सैर के साथ सैर

सैर यानी यात्रा, घूमना-फिरना, देशाटन, पर्यटन, नए लोगों और नए स्थानों के बारे में जानना-समझना, देश-दुनिया के बारे में अपनी सोच-समझ को व्यापक रूप देना। हम देश दुनिया की सैर इसलिए करते हैं कि अपने ज्ञान को विस्तार दे सकें। एक-दूसरे के बारे में जान सकें। नई-नई जगहों पर जाने से कई तरह की नई जानकारियां मिलती है। मानसिक विकास भी होता है, लेकिन आजकल पर्यटन के नाम पर हम कर क्या रहे हैं?
वीकेंड या लम्बी छुट्टी देखते हैं तो टिकट बुक करा लेते हैं। हिल स्टेशन, बीच या किसी धार्मिक स्थल पर जाकर दो-चार दिन किसी होटल में रहते हैं। मार्केट, मॉल रोड, मंदिर, मोनुमेंट्स (स्मारक), माउंटेन देखकर और मोटरबोट राइडिंग करके वापस आ जाते हैं।
 इस सब के दौरान हम ना तो स्थानीय लोगों के साथ मिलजुल पाते हैं, ना ही उनके बारे में जान पाते हैं। हम वहां जाकर भी बड़े होटल में मनपसंद खाना खाते हैं और लोकल फूड का आनंद नहीं ले पाते हैं, जबकि हमें वहां के लोगों के रहन-सहन, खानपान, बोलचाल, भाषा, सभ्यता और संस्कृति के बारे में जानने की कोशिश करनी चाहिए। हम यह नहीं जान पाते कि वहां के लोगों की खूबी क्या है, किस तरह खेतीबाड़ी करते हैं। वहां के लोगों की परेशानी क्या है। देश के और इलाके के लोगों और राजनीति पर उनका क्या विचार है। वे अपना पर्व-त्योहार किस विशेष अंदाज से मनाते हैं। हम वहां की लोककला, हस्तकला और शिल्प के बारे में भी जानने की कोशिश नहीं करते। बस पिकनिक की तरह छुट्टी मनाने जाते हैं और घूमफिर कर आ जाते हैं।

आज के टूर ऑपरेटर भी इसी तरह से आपका टूर प्लान तैयार करते हैं। उनका पर्यटल स्थल के कुछ खास जगहों पर ही सारा ध्यान केंद्रित रहता है। अगर आप बाहर किसी जगह से दिल्ली घूमना चाहते हैं तो उनके टूर प्लान में इंडिया गेट, राजपथ, राष्ट्रपति भवन, जंतर-मंतर, लालकिला, चांदनी चौक, जामा मस्जिद, हुमायूं का मकबरा, लोटस टेंपल, अक्षरधाम मंदिर दिखाना शामिल होगा। हर जगह ले जाकर उस स्थान के बारे में बताकर एक-दो घंटे में दूसरी जगह ले जाएंगे। कनाट प्लेस, चांदनी चौक की तरह एक दो मार्केट भी ले जाएंगे। हो गया आपका दिल्ली दर्शन।
इस टूर प्लान से आप यह नहीं जान पाएंगे कि दिल्ली में एक ओखला बर्ड सेंचुरी है, जहां पक्षियों की 400 से ज्यादा प्रजातियां हैं। सर्दियों के मौसम में यहां करीब एक लाख प्रवासी पक्षी आते हैं। ओखला बर्ड सेंचुरी में करीब 188 तरह के पेड़-पौधे हैं। इसी तरह और गॉर्डन ऑफ फाइव सेंसेज, सुंदर नर्सरी, लोदी गार्डन और डियर पार्क भी है।


प्राचीन काल में पानी का संरक्षण किस तरह किया जाता था, इसे जानने के लिए आप कनाट प्लेस के पास अग्रसेन की बावली जा सकते है। दिल्ली को जानने के लिए आपको पुरानी दिल्ली की गलियों में घूमना होगा। पतंगबाजी देखनी होगी। चांदनी चौक के नजदीक ही किनारी बाजार से पास जैन हवेली है। यहां के नक्काशीदार और अद्भुत हवेलियों को देखकर आप दंग रह जाएंगे। पुरानी दिल्ली में चांदनी चौक के पास फतेहपुरी मस्जिद के पास खारी बावली में एशिया का सबसे बड़ा थोक मसाला बाजार है। यहां आप स्पाइस टूरिज्म का आनंद लेकर मसालों के बारे में जान सकते हैं।


दिल्ली के प्राचीन शान से रूबरू होना है तो पुराना किला, तुगलकाबाद किला, मेहरौली और फिरोजशाह कोटला का रुख करना होगा। लालकिला के पास का एक इलाका अब भी कुश्ती के लिए मशहूर है, वहां जाना होगा। गांव का मॉडर्न रूप देखने के लिए हौजखास विलेज की भी रुख करना होगा। निजानुद्दीन दरगाह पर शाम में कव्वाली का लुत्फ उठा सकते हैं। मंडी हाउस इलाके में आप थियेटर और अन्य कार्यक्रमों का आनंद ले सकते हैं।

प्रगति मैदान के पास क्राफ्ट म्यूजियम में जाकर कढ़ाई, बुनाई, शिल्पकारी और हस्तशिल्प के हजारों आइटम यहां देख सकते हैं। अन्य म्यूजियम में आप नेशनल म्यूजियम के साथ, आईटीओ के पास इंटरनेशनल डॉल म्यूजियम, मोतीबाग के पास रेल म्यूजियम जा सकते हैं।

दिल्ली में एक कठपुतली कॉलोनी भी है। यह सड़क के कलाकारों के विश्व के सबसे बड़े समुदाय के रूप में जाना जाता था। अब इनका पुनर्वास किया जा रहा है। इस तरह की यात्रा आप एक खोज की तरह करते हैं। आप उस जगह से सिर्फ जुड़ते ही नहीं है, एक भारत को जानते हैं। देश की विविधता में एकता का वाहक बनते हैं। जब आप लीक से हटकर देश घूमने के लिए निकलते हैं तो आप नए रंग और रस से सराबोर हो पाते हैं। इसी तरह के आत्म खोज की यात्रा को बढ़ावा देने के लिए कुछ युवाओं ने शुरू की है SAIR.

SAIR आपको किसी जगह की सैर ही नहीं कराता, वहां के जीवंत जीवन दर्शन से साक्षात्कार कराता है। यह आपको स्थानीय खूबियों के साथ सांस्कृतिक पर्यटन का एक अलग अंदाज पेश करता है। SAIR एक प्रीमियम ऑनलाइन ट्रैवल क्यूरेटर स्टार्टअप है, जो आपको भारत की संस्कृति और आत्मा से जोड़ता है। यह हर आदमी के हिसाब से, अलग-अलग रूचि के हिसाब से, सुरक्षा को ध्यान में रखकर टूर प्लान तैयार करता है। इससे आपको उस स्थान को देखने का नजरिया ही बदल जाता है।


SAIR की ओर से हाल ही में दिल्ली के हौज खास में एक ब्लॉगर मीट का आयोजन किया गया। इस ब्लॉगर मीट में इस स्टार्टअप की फाउंडर श्रृति ने सैर के फ्यूचर प्लान के बारे में बताया। श्रृति ने आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग करने के बाद हॉर्वर्ड बिजनेस स्कूल से एमबीए किया है। इस मीट में श्रृति के अलावा शोभिता अग्रवाल, अजीज गुप्ता, सूर्या और मोहित पॉल ने भी सैर के बारे में विस्तार से चर्चा की।


इस शानदार पहल के लिए श्रृति और शोभिता की SAIR टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
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