आमतौर पर हर व्यक्ति जीवन के शुरूआती दिनों में पढ़ाई-लिखाई के बाद नौकरी में बिजी हो जाता है। आप भी 40 साल की उम्र तक जॉब और पारिवारिक दायित्वों को पूरा करने में लगे रहते हैं। हर चीज में बचत के बारे में सोचते रहते हैं। नौकरी, परिवार फिर बच्चों के लिए अपनी शौक और इच्छाओं को मार देते हैं। लेकिन 40 के बाद आपका जीवन आपका अपना जीवन होता है। चालीस के बाद आपको पता चल जाता है कि आपकी जिंदगी में किन चीजों की अहमियत है और किन गैरजरूरी चीजों को जिंदगी से निकाल देना है। उन चीजों पर समय की बर्बादी क्यों, जो आपको कुछ नहीं देतीं। ऐसे में आप कई चिंताओं से मुक्त होकर निकल पड़ते हैं दुनिया घूमने और जानने-समझने...