Skip to main content

Mughal Garden: आप भी कर सकते हैं राष्ट्रपति भवन स्थित इस खूबसूरत उद्यान की सैर

नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में स्थित मुगल गार्डन दुनिया के सबसे खूबसूरत उद्यानों में से एक है। अगर आप प्रकृति और खूबसूरत फूलों को पसंद करते हैं तो कम से कम एक बार इस मुगल गार्डन को देखने एक बार जरूर जाना चाहिए। यह अपनी तरह का अकेला गार्डन है जहां आपको दुनियाभर के सैकड़ों सुंदर फूलों को देखने का मौका मिलेगा। यहां आपको देखने के लिए कई तरह के रंग-बिरंगे सुगंधित फूल के साथ सैकड़ों पेड़-पौधे और फव्वारे मिलेंगे।


फरवरी-मार्च में वसंत ऋतु के दौरान मुगल गार्डन किसी स्वर्ग सा एहसास कराता है। इस उद्यान में हर तरह के अनगिनत खिले फूलों के देखकर आपका मन भी खिल उठेगा। मुगल गार्डन में दुनिया भर से आकर्षक खूबसूरत फूलों को लाकर लगाया गया है। यहां रंग-बिरंगे फूलों के साथ मुगल शैली में बनी नालियां, मेड़ और झाड़ियां हैं।

राष्ट्रपति भवन खुद 321 एकड़ के क्षेत्र में फैला है और इसमें 340 कमरे हैं। इसी राष्ट्रपति भवन के पिछले हिस्से में करीब 15 एकड़ में फैला यह गार्डन प्रकृति और सुंदरता प्रेमियों के लिए एक आकर्षण का केन्द्र है। इसका डिजाइन एडविन लुटियन ने तैयार किया था। हर साल वसंत के मौसम में यह उद्यान आन लोगों के लिए खोल दिया जाता है।
बताया जाता है कि इसमें 159 तरह के गुलाब, 60 किस्मों की बोगनवेलिया और कई अन्य किस्मों के फूल मौजूद हैं। यहां पर 50 प्रजातियों के पेड़, झाड़ियां और लताएं देखने को मिल जाएंगे। यहां आपको लाल रंग के साथ हरे, पीले और काले गुलाब भी देखने को मिलेंगे। इसके साथ ही यहां आपको वसंत में खिलने वाले कई तरह के आकर्षक फूलों के भी दीदार होंगे।

इस उद्यान में फूलों के साथ-साथ जड़ी-बूटियां और औषधियां भी उगाई जाती हैं। इस औषधि उद्यान के साथ ही यहां हर्बल गार्डन, म्यूजिकल गार्डन, बायो-फ्यूल गार्डन, पोषण उद्यान, बोनसाई गार्डन भी है। यहां के गार्डन में फूलों के साथ पेड़ों की झाड़ियों को कांट-छांटकर काफी आकर्षक रूप दिए गए हैं। खिले फूलों के साथ फव्वारों का देखना काफी सुकून भरा होता है।

रंग-बिरंगे खिले फूलों के साथ यहां के घास भी मखमली गलीचों का एहसास कराते हैं, लेकिन यहां क्यारी से नीचे उतरने की साफ मनाही है। आप घास पर चल नहीं सकते और फूलों का स्पर्श नहीं कर सकते। साल में एक बार आम लोगों के लिए खुलने के कारण इस समय यहां काफी भीड़ रहती है। भीड़ के कारण यहां लोगों को एक स्थान पर रुकने नहीं देते हैं।

यहां जगह-जगह सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं और आपको एक जगह रुकने नहीं देते हैं। इस कारण आप किसी एक जगह ज्यादा समय नहीं दे पाते हैं। अगर आप आराम से सैर करना चाहते हैं तो किसी और दिन बुकिंग कराकर राष्ट्रपति भवन आइए और जीभर के यहां के खूबसूरत फूलों का दीदार कीजिए। वसंत के दौरान सैर बिल्कुल मुफ्त है जबकि और दिन बुक कराने पर 50 रुपये लगेंगे।

मुगल गार्डन सैर से पहले बुकिंग के लिए क्लिक करें- Mughal Garden

मुगल गार्डन सोमवार को बंद रहता है। यहां आप कोई भी सामान, पानी बोतल, कैमरा या कोई भी इलेक्ट्ऱॉनिक सामान लेकर नहीं जा सकते। पार्किंग के साथ यहां सामान को रखने के लिए क्लॉक रूम की सुविधा दी जाती है। इसके साथ ही भीतर पीने की पानी और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती है। आमतौर पर यहां आप प्रेसीडेंट एस्टेट के 35 नंबर गेट से घूमने जा सकते हैं।

यह दिल्ली के बीचों-बीच स्थित होने के कारण यहां आना काफी आसान है। यहां आप दिल्ली के किसी भी कोने से आसानी से पहुंच सकते हैं। बस, रेल, मेट्रो या निजी वाहन किसी भी तरह आप यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां आने के लिए नजदीकी मेट्रो स्टेशन केंद्रीय सचिवालय है। यहां से आप पैदल या ऑटो लेकर यहां पहुंच सकते हैं। 

यह पोस्ट #BlogchatterA2Z 2021 चैलेंज के तहत लिखा गया है। आप भी इस ब्लॉगचैटरएटूजेड चैलेंज में हिस्सा ले सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए क्लिक करें- Blogchatter

ब्लॉग पर आने और इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। अगर आप इस पोस्ट पर अपना विचार, सुझाव या Comment शेयर करेंगे तो हमें अच्छा लगेगा। 

-हितेन्द्र गुप्ता

Comments

Popular posts from this blog

Contact Us

Work With Me FAM Trips, Blogger Meets, Product Launch Events, Product Review या किसी भी तरह के collaboration के लिए guptahitendra [at] gmail.com पर संपर्क करें। Contact me at:- Email – guptagitendra [@] gmail.com Twitter – @GuptaHitendra Instagram – @GuptaHitendra Facebook – GuptaHitendra

अक्षरधाम मंदिर, दिल्ली: जहां जाने पर आपको मिलेगा स्वर्गिक आनंद

दिल्ली में यमुना नदी के किनारे स्थित स्वामीनारायण मंदिर अपनी वास्तुकला और भव्यता के लिए दुनियाभर में मशहूर है। करीब 100 एकड़ में फैला यह अक्षरधाम मंदिर दुनिया के सबसे बड़े मंदिर परिसर के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल है। यहां हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। इस मंदिर को बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) की ओर से बनाया गया है। इसे आम भक्तों- श्रद्धालुओं के लिए 6 नवंबर, 2005 को खोला गया था।

About Us

Hitendra Gupta ट्रेवल ब्लॉगर, मीडिया प्रोफेशनल, डिजिटल इन्फ्लुएंसर और प्रकृति प्रेमी शाकाहारी मैथिल

Hanuman Temple Delhi: दिल्ली के इस मंदिर में तुलसीदास जी ने की थी हनुमान चालीसा की रचना

दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस के पास बाबा खड़क सिंह मार्ग पर स्थित है प्राचीन हनुमान मंदिर। मंगलवार और शनिवार के दिन यहां श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी रहती है। हनुमान जयंती को भी यहां भारी भीड़ जुटती है। इस हनुमान मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यह महाभारत काल का मंदिर है और हस्तिनापुर से अलग इंद्रप्रस्थ बसाने के क्रम में ही पांडवों ने इस मंदिर को बनाया था।

Rajnagar, Madhubani: खंडहर में तब्दील होता राजनगर का राज कैंपस

राजनगर का ऐतिहासिक राज कैंपस खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। बिहार के मधुबनी जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह राज कैंपस राज्य सरकार की अनदेखी के कारण उपेक्षित पड़ा हुआ है। यह कैंपस इंक्रीडेबल इंडिया का एक बेहतरीन उदाहरण है। यहां के महल और मंदिर स्थापत्य कला के अद्भूत मिसाल पेश करते हैं। दीवारों पर की गई नक्काशी, कलाकारी और कलाकृति देखकर आप दंग रह जाएंगे।

Rashtrapati Bhawan Tour: राष्ट्रपति भवन की सैर करना चाहते हैं, ऐसे कराएं बुकिंग

प्रधानमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह हो या किसी पद्म सम्मान का समारोह, टीवी पर राष्ट्रपति भवन से जब भी कोई का कार्यक्रम प्रसारित होता है तो मन वहां जाने का करने लगता है। राष्ट्रपति भवन दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के राष्ट्रपति का निवास स्थल है। इस इमारत के निर्माण में 17 साल का समय लगा है। इसका निर्माण कार्य 1912 में शुरु हुआ और 1929 में यह बन कर तैयार हुआ। इसे रायसीना हिल पर बनाया गया है।

Delhi Weekend Tour Kurukshetra: घूम आइए धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने दिए गीता के उपदेश

कुरुक्षेत्र हरियाणा में स्थित एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का स्थल है। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के दिए गीता के अपने पहले श्लोक में ही धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के रूप में इसका वर्णन किया है। इसी भूमि पर महाभारत की लड़ाई लड़ी गई थी। भगवान कृष्ण ने अर्जुन को यहां के ज्योतिसर में कर्म के दर्शन का ज्ञान दिया था। 

Darbhanga Tour: मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा में है पर्यटन की अपार संभावनाएं

पग-पग पोखर, पान मखान सरस बोल, मुस्की मुस्कान विद्या-वैभव शांति प्रतीक ललित नगर दरभंगा थिक मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा विद्या, वैभव, खानपान, मधुर मुस्कान और अपनी मीठी बोली के लिए दुनियाभर में मशहूर है। ध्रुपद गायन, मिथिला पेंटिंग, सिक्की और सुजनी लोककला के साथ अपनी गौरवशाली संस्कृति पर मिथिला के लोग नाज कर करते हैं। इन गौरवशाली अतीत और आसपास सैकड़ों पर्यटक स्थल होने के बावजूद मिथिला का ह्रदय स्थल दरभंगा आजादी के बाद से ही उपेक्षित है।

अहिल्या स्थान: जहां प्रभु राम के किया था देवी अहिल्या का उद्धार

मिथिला में एक प्रमुख तीर्थ स्थल है अहिल्या स्थान। हालांकि सरकारी उदासीनता के कारण यह वर्षों से उपेक्षित रहा है। यहां देवी अहिल्या को समर्पित एक मंदिर है। रामायण में गौतम ऋषि की पत्नी देवी अहिल्या का जिक्र है। देवी अहिल्या गौतम ऋषि के श्राप से पत्थर बन गई थीं। जिनका भगवान राम ने उद्धार किया था। देश में शायद यह एकमात्र मंदिर है जहां महिला पुजारी पूजा-अर्चना कराती हैं।

Bhangarh Tour: भूतों का गढ़: भानगढ़

क्या वाकई में भूत होते हैं ? क्या वो दिखाई देते हैं ? क्या वो किसी रुप में खुद के होने का अहसास कराते हैं ? जो लोग भूत-प्रेतों में विश्वास करते हैं जाहिर है उनका जवाब हां में होगा । लेकिन नहीं मानने वाले इन बातों को हंसी में उड़ा देंगे । लेकिन भारत सरकार का पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग उन लोगों में शामिल है जो इस धारणा में विश्वास करता है कि वास्तव में भूत होते हैं ।