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धरती के स्वर्ग के सफर को बनाइए और भी सुहाना, अब विस्टाडोम कोच से कीजिए कश्मीर की सैर

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर का सफर और सुहाना होने जा रहा है। अब आप कश्मीर की खूबसूरत वादियों को विस्टाडोम कोच से निहारते हुए यात्रा कर सकते हैं। विस्टाडोम कोच में बैठकर जब आप सफर करेंगे और रास्ते में केसर के फूलों के साथ पहाड़ों पर बिछी सफेद बर्फ को देखेंगे तो एक अलग ही दुनिया में खुद को पाएंगे।



विस्टाडोम कोच से आप खिड़कियों के साथ कांच की छत के जरिए भी जन्नत की खूबसूरती को पास से देख सकेंगे। 40 सीटों वाले विस्टाडोम कोच को आप एक शीशमहल ही कह सकते हैं। विस्टाडोम कोच को देखकर आपको लगेगा जैसे पूरा कोच ही शीशे से बना है। चारों तरफ घूमने वाली सीटों के साथ ग्लास की बड़ी-बड़ी खिड़कियां, इनबिल्ट जीपीएस बेस्ड इंफोर्मेशन सिस्टम, एलईडी लाइट्स जैसी सुविधाओं से लैस ट्रेन में सफर आपको यात्रा का एक अलग ही अनुभव प्रदान करेगा।


इतना ही नहीं मेट्रो ट्रेन की तरह इसके दरवाजे भी ट्रेन के रुकने पर खुल जाते हैं और ट्रेन के चलने से पहले खुद बंद हो जाते हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। आप चाहे तो टिकट बुकिंग के साथ ही खाने-पीने की बुकिंग भी करा सकते हैं। ऐसे में ये ट्रेन जल्दी ही पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हो जाएगी।


फिलहाल यह विस्टाडोम कोच वाली यह स्पेशल ट्रेन 18 जनवरी 2024 तक चलेगी। इस दौरान यह 184 फेरे लगाएगी। यह स्पेशन ट्रेन बडगाम से लेकर बनिहाल के बीच 90 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इन दोनों स्टेशन के बीच आपको श्रीनगर, पंपोर, काकपोर, अंवतिपोरा, पंजगाम, बिजबिहाड़ा, अनंतनाग, सदूरा, काजीगुंड, हिल्लर शाहाबाद समेत कुल 12 स्टेशन हैं।


बडगाम-बनिहाल के बीच चलने वाली इस ट्रेन का नंबर है 04687 और 04688. ट्रेन नंबर 04687 बनिहाल से शाम 4.50 बजे चलकर 6.35 बजे बडगाम पहुंचेगी। जबकि 04688 नंबर की ट्रेन बडगाम से सुबह 9:10 बजे चलकर 11.05 बजे बनिहाल पहुंचेगी। 40 लोगों की क्षमता वाली यह स्पेशल विस्टाडोम कोच फिलहाल रोज एक फेरा ही लगाएगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 19 अक्टूबर को नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विस्टाडोम कोच सेवा को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर  श्रीनगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सांसद फारूक अब्दुल्ला समेत कई लोग मौजूद थे।

All Photos: Office of LG J&K
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-हितेन्द्र गुप्ता

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