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उत्तर प्रदेश में लें सर्दियों का आनंद, ये हैं प्रदेश के सात सबसे सुहाने स्थल

सर्दियों में घूमने का अपना एक अलग ही आनंद है। बारिश के बाद प्रकृति की खूबसूरती को निहारने के साथ अगर आप ठंड में ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के बीच सुहाने स्थलों में जाना चाहते हैं तो देश में उत्तर प्रदेश से बेहतर जगह नहीं मिलेगा। आप चाहे सोलो ट्रेवल करना पसंद करते हैं या सपरिवार, सर्दियों में यूपी के ये सात सुहाने स्थल आपके जीवन को सरगम से भर देंगे।  

1. आगरा
सर्दी में घूमने के लिए एक आदर्श स्थल है ताजनगरी आगरा। प्रेम की निशानी सफेद संगमरमर से बने ताजमहल को देखने दुनिया भर से पर्यटक आते हैं। यहां की खूबसूरती देखकर आप मंत्रमुग्ध रह जाएंगे। सेवन वंडर में शामिल ताजमहल की वास्तुकला अद्भुत है। ताजमहल के साथ ही आगरा का किला और फतेहपुर सीकरी की वास्तुकला भी आपको दंग करके रख देगी। यहां के उद्यानों की सैर आपके लिए एक यादगार अनुभव होगा। आप यहां से कला और शिल्प की कलाकृतियों के साथ पेठा और चमड़े से बने सामान ले जा सकते हैं।



2. वाराणसी

बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी दुनिया में सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। इसे काशी के नाम से भी जानते हैं। पवित्र गंगा नदी के किनारे बसा यह शहर बनारस हिंदू धर्म के साथ जैन और बौद्ध धर्म के लिए लोगों के लिए भी एक पवित्र स्थल है। बनारस में गंगा स्नान कर बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के बाद खुद को धन्य समझ सकते हैं। शाम में गंगा आरती का अद्भुत दृश्य आपके रग-रग में रोमांच भर देगा। यहां के घाटों और मंदिरों में आपको एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा। काशी से 10 किलोमीटर की दूरी पर है सारनाथ। भगवान बुद्ध ने आत्मज्ञान प्राप्त करने के बाद अपना पहला उपदेश इसी स्थान पर दिया था।



3.प्रयागराज

तीर्थों का तीर्थ प्रयाग राज गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम के लिए प्रसिद्ध है। माना जाता है कि पवित्र संगम में स्नान कर आपके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। संगम स्थली में एक डुबकी लगाकर आप युग-युग के लिए पुण्य के भागी बन जाते हैं। यहां हर छह साल में कुंभ और बारह साल में महाकुंभ का आयोजन होता है, जिसमें दुनिया भर से  करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। पवित्र संगम तट पर आकर आप असीम शांति का अनुभव करेंगे। प्रयाग प्राचीन काल से ही शिक्षा, साहित्य और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां माघ मास में लाखों श्रद्धालु एक महीने तक पवित्र संगम तट पर निवास करते हैं।


4. अयोध्या

भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या आदि काल से ही हिंदुओं के लिए एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल रहा है। सरयू नदी के किनारे बसा अयोध्या हर एक हिंदू के मन में बसता है। रामायण में प्रदर्शित अयोध्या के वैभव और ऐश्वर्य हर हिंदू को कम से कम एक बार रामजन्मभूमि के दर्शन के लिए अपनी ओर खींचता है। यहां आप सरयू नदी के किनारे बैठकर घंटों राम नाम का जाप करते हुए एक अलग ही सुख और शांति का अनुभव करेंगे। अयोध्या में रामकोट, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, राम का पैड़ी, सूरज कुंड और गुप्तार घाट जाकर अपने जीवन को धन्य कर सकते हैं। अयोध्या में रामजन्मभूमि के बाद सबसे प्रसिद्ध जगह है हनुमान गढ़ी। इस मंदिर में हनुमान जी की एक स्वर्ण प्रतिमा स्थापित है। यहां हनुमान जी का दर्शन करने के बाद ही राम जी का दर्शन करते हैं। इसके साथ ही आप राम जानकी मंदिर, पुराना चरण पादुका मंदिर, नरसिंह मंदिर का दर्शन कर सकते हैं।



5. मथुरा-वृंदावन

दिल्ली से आगरा जाने के रास्ते में है कृष्ण जन्मभूमि मथुरा। यमुना नदी के किनारे बया मथुरा-वृंदावन एक तरह से जुड़वां शहर है। यहां राधा-कृष्ण के कई भव्य मंदिर हैं। मथुरा में कृष्ण जन्मस्थान मंदिर के साथ बरसाना, द्वारिकाधीश मंदिर जबकि वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर, श्री राधा रमण मंदिर, प्रेम मंदिर और इस्कॉन प्रमुख प्रसिद्ध मंदिर हैं। इन मंदिरों में दर्श के साथ आप गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा भी कर सकते हैं।



6. दुधवा नेशनल पार्क

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिला में नेपाल की सीमा के पास है दुधवा नेशनल पार्क। लखनऊ से करीब 230 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दुधवा नेशनल पार्क के घने हरे जंगल में विभिन्न प्रजातियों के वनस्पति और वन्य जीव पाए जाते हैं। यहां आप बाघ, तेंदुआ, बारहसिंघा, हाथी, सियार, लकड़बग्घा के साथ हिरनों की कई प्रजातियों को देख सकते हैं। हरे-भरे जंगलों के बीच कल-कल बहती नदियों के पास कुछ समय गुजारकर और असीम शांति का अनुभव करेंगे। यहां के शांत माहौल में आप सारी थकान भूल जाएंगे।



7. कतर्निया घाट वन्यजीव अभ्यारण्य

लखनऊ से करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर बहराइच जिले में बीच जंगल स्थित है कतर्निया घाट वन्यजीव अभ्यारण्य। यहां के जंगल, यहां की हरियाली, नदी, तालाब के बीच का प्राकृतिक वातावरण आपके मन को मोह लेगा। भीड़- भाड़ और शोर-शराबे से दूर इस शांति भरे माहौल में सुकून के साथ समय बिताने का सही जगह है। इस अभ्यारण में बाघ, तेंदुआ, हिरण, चिकारा के साथ कई वन्य जीव पाए जाते हैं। यहां गिरवा नदी के ताजे पानी में डॉल्फिन पाई जाती हैं। गिरवा नदी में उछलती-कूदती डॉल्फिन के साथ मोटर  बोट से सैर कर आपको एक अलग ही आनंद का अनुभव होगा। 


सभी फोटो यूपी टूरिज्म

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-हितेन्द्र गुप्ता

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