Skip to main content

गोल्डन चैरियट ट्रेन: आप भी ले सकते हैं शाही यात्रा का आनंद

गोल्डन चैरियट यानी स्वर्ण रथ... यह ट्रेन नाम के अनुरूप ही आपको एक सुनहरे सपनों की दुनिया में ले जाता है। यह आपको राजसी अंदाज में दक्षिण भारत के गौरवशाली इतिहास के दौर में ले जाता है। यह दक्षिण भारत की वास्तुकला, संस्कृति और इतिहास से रूबरू कराता है। भारतीय रेलवे का यह ट्रेन गोल्डन चैरियट न सिर्फ आपको दक्षिण भारत के खूबसूरत ऐतिहासिक और विरासत स्थलों की यात्रा पर ले जाता है, बल्कि खुद पर गर्व करने का मौका भी देता है।

यह भव्य राजसी ट्रेन एक तरह से दक्षिण भारत की गौरवशाली विरासत को श्रद्धांजलि भी देता है। इस ट्रेन के प्रत्येक कोच का नाम दक्षिण के प्रमुख राजवंशों के नाम पर रखा गया है। इस ट्रेन में 11 कोच हैं और उनके नाम कदंब, होयसल, राष्ट्रकोटा, गंगा, चालुक्य, भहमानी, अधिलशाही, संगमा, सातवाहन, युदुकुला और विजयनगर हैं।
गोल्डन चैरियट ट्रेन तमाम आधुनिक सुविधाओं से लैस है। कोच के केबिन एलसीडी टीवी, राइटिंग डेस्क, वार्डरोब, अटैच्ड बाथरूम, सेफ्टी लॉकर से युक्त है।  ट्रेन के केबिनों को शानदार महलों की तरह सजाया जाता है। शाही सजावट, राजसी फर्नीचर के साथ यह ट्रेन एक तरह से पहियों पर चलता-फिरता एक भव्य महल ही है। ट्रेन में मौजूद पर्सनल अटेंडेंट हर संभव कोशिश करता है कि आपकी यात्रा एक यादगार सफर बन कर रह जाए।
यात्रा के दौरान तन-मन को सुकून के लिए पारंपरिक के साथ आधुनिक मसाज का आनंद इसमें मौजूद आयुर्वेदिक स्पा और वेलनेस सेंटर से उठा सकते हैं। ट्रेन के अंदर फाइन-डाइनिंग रेस्त्रां 'नलपका' है। महाभारत कालीन  'नलपका' शब्द का अर्थ होता है 'बढ़िया व्यंजन'। यहां आप इंडियन के साथ अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों का लुत्फ उठा सकते हैं।
ट्रेन के अन्य सुरुचिपूर्ण रेस्त्रां का नाम 'रुचि' है। इसके शानदार लाउंज बार का नाम 'मदिरा' है, यहां आप हाउस वाइन, स्प्रिट और बियर का आनंद ले सकते हैं। पूरी तरह से एयर कंडीशंड ट्रेन के हर केबिन के साथ अटैच बाथरुम है। परिवार के साथ सुनहरा पल गुजारने के साथ आप अपने साथी के साथ रोमांटिक हनीमून पर जा सहते हैं।
तो निकल पड़िए इस गोल्डन चैरियट ट्रेन की दिलचस्प यात्रा पर। ये यात्रा ना सिर्फ आपको दक्षिण भारत के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों, लोगों, उनकी परंपराओं और संस्कृति को जानने-समझने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि दिल को छू लेने वाली यादों को हमेशा के लिए सहेजने का मौका भी देता है। इस ट्रेन के बारे में ज्यादा जानकारी आप यहां से पा सकते हैं- https://www.goldenchariot.org

सभी फोटो गोल्डन चैरियट
ब्लॉग पर आने और इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। अगर आप इस पोस्ट पर अपना विचार, सुझाव या Comment शेयर करेंगे तो हमें अच्छा लगेगा। 

 -हितेन्द्र गुप्ता

Comments

Popular posts from this blog

Contact Us

Work With Me FAM Trips, Blogger Meets, Product Launch Events, Product Review या किसी भी तरह के collaboration के लिए guptahitendra [at] gmail.com पर संपर्क करें। Contact me at:- Email – guptagitendra [@] gmail.com Twitter – @GuptaHitendra Instagram – @GuptaHitendra Facebook – GuptaHitendra

अक्षरधाम मंदिर, दिल्ली: जहां जाने पर आपको मिलेगा स्वर्गिक आनंद

दिल्ली में यमुना नदी के किनारे स्थित स्वामीनारायण मंदिर अपनी वास्तुकला और भव्यता के लिए दुनियाभर में मशहूर है। करीब 100 एकड़ में फैला यह अक्षरधाम मंदिर दुनिया के सबसे बड़े मंदिर परिसर के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल है। यहां हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। इस मंदिर को बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) की ओर से बनाया गया है। इसे आम भक्तों- श्रद्धालुओं के लिए 6 नवंबर, 2005 को खोला गया था।

About Us

Hitendra Gupta ट्रेवल ब्लॉगर, मीडिया प्रोफेशनल, डिजिटल इन्फ्लुएंसर और प्रकृति प्रेमी शाकाहारी मैथिल

Hanuman Temple Delhi: दिल्ली के इस मंदिर में तुलसीदास जी ने की थी हनुमान चालीसा की रचना

दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस के पास बाबा खड़क सिंह मार्ग पर स्थित है प्राचीन हनुमान मंदिर। मंगलवार और शनिवार के दिन यहां श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी रहती है। हनुमान जयंती को भी यहां भारी भीड़ जुटती है। इस हनुमान मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यह महाभारत काल का मंदिर है और हस्तिनापुर से अलग इंद्रप्रस्थ बसाने के क्रम में ही पांडवों ने इस मंदिर को बनाया था।

Rajnagar, Madhubani: खंडहर में तब्दील होता राजनगर का राज कैंपस

राजनगर का ऐतिहासिक राज कैंपस खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। बिहार के मधुबनी जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह राज कैंपस राज्य सरकार की अनदेखी के कारण उपेक्षित पड़ा हुआ है। यह कैंपस इंक्रीडेबल इंडिया का एक बेहतरीन उदाहरण है। यहां के महल और मंदिर स्थापत्य कला के अद्भूत मिसाल पेश करते हैं। दीवारों पर की गई नक्काशी, कलाकारी और कलाकृति देखकर आप दंग रह जाएंगे।

Rashtrapati Bhawan Tour: राष्ट्रपति भवन की सैर करना चाहते हैं, ऐसे कराएं बुकिंग

प्रधानमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह हो या किसी पद्म सम्मान का समारोह, टीवी पर राष्ट्रपति भवन से जब भी कोई का कार्यक्रम प्रसारित होता है तो मन वहां जाने का करने लगता है। राष्ट्रपति भवन दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के राष्ट्रपति का निवास स्थल है। इस इमारत के निर्माण में 17 साल का समय लगा है। इसका निर्माण कार्य 1912 में शुरु हुआ और 1929 में यह बन कर तैयार हुआ। इसे रायसीना हिल पर बनाया गया है।

Darbhanga Tour: मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा में है पर्यटन की अपार संभावनाएं

पग-पग पोखर, पान मखान सरस बोल, मुस्की मुस्कान विद्या-वैभव शांति प्रतीक ललित नगर दरभंगा थिक मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा विद्या, वैभव, खानपान, मधुर मुस्कान और अपनी मीठी बोली के लिए दुनियाभर में मशहूर है। ध्रुपद गायन, मिथिला पेंटिंग, सिक्की और सुजनी लोककला के साथ अपनी गौरवशाली संस्कृति पर मिथिला के लोग नाज कर करते हैं। इन गौरवशाली अतीत और आसपास सैकड़ों पर्यटक स्थल होने के बावजूद मिथिला का ह्रदय स्थल दरभंगा आजादी के बाद से ही उपेक्षित है।

Delhi Weekend Tour Kurukshetra: घूम आइए धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने दिए गीता के उपदेश

कुरुक्षेत्र हरियाणा में स्थित एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का स्थल है। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के दिए गीता के अपने पहले श्लोक में ही धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के रूप में इसका वर्णन किया है। इसी भूमि पर महाभारत की लड़ाई लड़ी गई थी। भगवान कृष्ण ने अर्जुन को यहां के ज्योतिसर में कर्म के दर्शन का ज्ञान दिया था। 

अहिल्या स्थान: जहां प्रभु राम के किया था देवी अहिल्या का उद्धार

मिथिला में एक प्रमुख तीर्थ स्थल है अहिल्या स्थान। हालांकि सरकारी उदासीनता के कारण यह वर्षों से उपेक्षित रहा है। यहां देवी अहिल्या को समर्पित एक मंदिर है। रामायण में गौतम ऋषि की पत्नी देवी अहिल्या का जिक्र है। देवी अहिल्या गौतम ऋषि के श्राप से पत्थर बन गई थीं। जिनका भगवान राम ने उद्धार किया था। देश में शायद यह एकमात्र मंदिर है जहां महिला पुजारी पूजा-अर्चना कराती हैं।

Bhangarh Tour: भूतों का गढ़: भानगढ़

क्या वाकई में भूत होते हैं ? क्या वो दिखाई देते हैं ? क्या वो किसी रुप में खुद के होने का अहसास कराते हैं ? जो लोग भूत-प्रेतों में विश्वास करते हैं जाहिर है उनका जवाब हां में होगा । लेकिन नहीं मानने वाले इन बातों को हंसी में उड़ा देंगे । लेकिन भारत सरकार का पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग उन लोगों में शामिल है जो इस धारणा में विश्वास करता है कि वास्तव में भूत होते हैं ।